स्थानीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था मानस प्रचार समिति की ओर से मानस मंदिर में आयोजित दो दिवसीय तुलसी जयंती समारोह का समापन गुरुवार को अखंड कीर्तन, कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ. दिन में अखंड कीर्तन के बाद राजेश सिंह एवं गायत्री सिंह ने पूर्णाहुति दी, जिसे पंडित ज्योति झा ने विधि-विधान से संपन्न कराया.
कवि व बच्चे किये गये सम्मानित
संध्या में आयोजित कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के अवसर पर डॉ पीके सिन्हा, प्रो एसके अग्रवाल एवं डॉ आरएन राय ने कवियों और स्कूली बच्चों को रामचरितमानस की प्रतियां एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया.
साहित्य और भक्ति के विविध रंग दिखे
कवि सम्मेलन में साहित्य और भक्ति के विविध रंग देखने को मिले. इस दौरान डॉ संगीता नाथ, बरनवाल मनोज अंजान, विश्ववजीत कुमार, जेपी कर्ण, रंजन श्रीवास्तव एवं डॉ अरविंद अंशुमान ने अपनी रचनाओं का पाठ किया. किड्स गार्डन स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा आयुषी कुमारी एवं नीतू कुमारी ने भी स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की सराहना बटोरी. कविताओं में मानवीय संवेदना, संस्कृति, भक्ति और सामाजिक सरोकारों की अभिव्यक्ति प्रमुख रही.
तुलसी जयंती एक साहित्यकार की जयंती भर नहीं
आयोजकों ने कहा कि तुलसी जयंती केवल एक साहित्यकार की जयंती मनाने का अवसर नहीं, बल्कि रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय जीवन-मूल्यों, लोकभाषा और सांस्कृतिक चेतना को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है. समारोह में साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की सहभागिता उत्साहजनक रही.
इन रचनाकारों की रही सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में निरंजन सिंह, विनोद दुबे, रामप्रवेश शर्मा, योगेंद्र मिश्रा, अजित गुप्ता, समरेंद्र सिंह, संतोष कुमार, शमशेर राठौर, सुरेश झा, एसबी अग्रवाल, सपन अधिकारी, सुबेहेंदु भट्टाचार्य, गौरव, अभिनव, शुभम, चीनू, किशोरी प्रसाद, एचएन राय, बीएम शर्मा, बप्पा सरकार, मनोज झा, सुशील सिंह, प्रदीप चौधरी, गोलू, निशि सिंह, सुमन मंडल, रीता सिंह, कालिंदी पाठक, किरणबाला आदि की प्रमुख भूमिका रही.
