PHOTOS: धनबाद की ऐसी ट्रेन, फटी सीट पर बैठने को विवश यात्री, गंदगी की भरमार, पानी भी नहीं

Train of Dhanbad: धनबाद से बांकुड़ा जाने वाली एकमात्र मेमू ट्रेन में यात्री फटी सीट पर यात्रा करने के लिए विवश हैं. ट्रेन में न पानी होता है, न साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता है. पूरी ट्रेन में गंदगी रहती है. प्रभात खबर टीम ने यात्रियों की शिकायत पर धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर धनबाद-बांकुड़ा मेमू का हाल देखा. ट्रेन की क्या हालत थी, तस्वीरों में आप भी देख लीजिए.

Train of Dhanbad: धनबाद स्टेशन से बांकुड़ा जाने वाली एक मात्र मेमू ट्रेन में न पानी होता है और न ही साफ शौचालय है. सीटों की स्थिति इतनी खराब है यात्री इसपर मन मसोसकर ही बैठते हैं. पूरी ट्रेन में गंदगी फैली रहती है. इसपर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है. यात्रियों की शिकायत पर प्रभात खबर टीम ने सोमवार को धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन संख्या 68088 धनबाद-बांकुड़ा मेमू का हाल देखा. ट्रेन की हालत यात्रियों के कहे अनुसार ही थी. ट्रेन के हर कोच का इमरजेंसी खिड़की को वेल्डिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया गया था.

ट्रेन में नल व बेसिन है, पर पानी नहीं

ट्रेन में हर दो से तीन कोच के बाद एक शौचालय, नल व बेसिन है. लेकिन कोच में पानी नहीं आ रहा था. प्रभात खबर की टीम ने नलों को चालू करने का प्रयास किया, लेकिन किसी में एक बूंद भी पानी नहीं आया. बेसिन और शौचालय इतने गंदे थे कि इन्हें इस्तेमाल तक नहीं किया जा सकता था. ट्रेन में तीन से चार पंखे खराब थे. वहीं फर्श पर गंदगी बिखरी थी. झाड़ू तक नहीं लगा हुआ था. इसी गंदगी के बीच यात्री बैठे हुए थे.

धनबाद स्टेशन पर खड़ी धनबाद-बांकुड़ा मेमू ट्रेन. फोटो : प्रतीक

फटी हुई हैं ट्रेन की दर्जनों सीटें

ट्रेन के दर्जनों सीटें फटी हुई हैं. कुछ सीटों पर लगायी गयी चिप्पी भी निकल गयी है. सीट का गद्दा पुरी तरह से खराब हो गया है. वह बाहर निकल रहा है. बावजूद इसके इसी ट्रेन में यात्रा करने को लोग विवश हैं. क्योंकि धनबाद से बांकुड़ा के लिए एकमात्र यही सीधी ट्रेन है.

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19 स्टेशन व हॉल्ट पर रुकती है ट्रेन

सप्ताह के सातों दिन धनबाद जंक्शन से बांकुड़ा के लिए यह ट्रेन चलती है. धनबाद से दोपहर 2:25 बजे खुलने वाली यह ट्रेन 19 स्टेशन व हॉल्ट पर रूकते हुए शाम 6:20 बजे बांकुड़ा पहुंचती है. धनबाद से बांकुड़ा का किराया 60 रुपये है. इस ट्रेन में अधिकांश स्टूडेंट व जरूरी काम से धनबाद आने वाले यात्री सफर करते हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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