Dhanbad News : मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत विद्यालयों की होगी स्टार ग्रेडिंग

मूल्यांकन के बाद ही विद्यालय को पुरस्कार के लिए अंतिम ग्रेडिंग दी जायेगी

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के लिए मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार का आयोजन किया जायेगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से इससे संबंधित निर्देश जारी किया गया है. इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित के साथ ही वित्तीय लाभ दिया जायेगा. स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के तहत शौचालय की सुलभता, पीने योग्य स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की सुविधा, स्वच्छता से संबंधित व्यवहार परिवर्तन, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, विद्यालय सुरक्षा एवं संरचना, जल संरक्षण, इको क्लब की क्रियाशीलता तथा अब जलवायु परिवर्तन जैसे बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जायेगा. योजना में मिशन लाइफ, पर्यावरण संरक्षण, विद्यालय सुरक्षा आदि महत्वपूर्ण संकेत को को भी जोड़ा गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7500 से अधिक विद्यालयों को फाइव स्टार श्रेणी और 20 हजार विद्यालयों को फोर स्टार श्रेणी हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. राज्य के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय तथा निजी विद्यालय पुरस्कार के लिए पात्र होंगे. राज्य स्तर पर 119, प्रमंडल स्तर पर एक, प्रखंड स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के 263 (प्रत्येक प्रखंड से एक) तथा शहरी क्षेत्र के 41 (प्रत्येक शहरी प्रक्षेत्र से एक), पंचायत स्तर पर 4345 (प्रत्येक पंचायत से एक) विद्यालयों को पुरस्कार दिया जायेगा.

ऐसे होगा चयन :

बेवसाइट या मोबाइल एप्प नी विद्यालयों को प्रपत्र में पूछे गये प्रश्नों का सही-सही उत्तर उपलब्ध कराना होगा. मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार में भाग लेने के लिए विद्यालय को विहित प्रपत्र में विद्यालय के यू डायस कोड सहित सभी प्राथमिक सूचनाएं ऑनलाइन भरते हुए विद्यालय को साइट पर पंजीकृत करना होगा. आवदेन पत्र को सफलतापूर्ण जमा करने के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पासवर्ड भेजा जायेगा. एप्प में प्रवेश करने के लिए मोबाइल नंबर व पासवर्ड दर्ज करना होगा.

किसके लिए कितना अंक :

पानी के लिए 15, शौचालय के लिए 16, साबुन से हाथ धोने की आदत के लिए सात, विद्यालय का रख-रखाव एवं संचालन सुविधाएं के लिए 21, व्यवहार परिवर्तन के लिए 15, जलवायु परिवर्तन के लिए 39, माहवारी स्वच्छता के लिए सात अंकों पर अंक दिया जायेगा. सभी वर्गों में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर विद्यालयों को स्टार ग्रेडिंग प्रदान किया जायेगा. 90 से 100 प्रतिशत प्राप्तांक प्रतिशत में फाइव स्टार, 75 से 89 में फॉर स्टार, 51 से 74 में थ्री स्टार, 35 से 50 प्रतिशत पर टू स्टार व 35 से नीचे पर वन स्टार मिलेगा. सभी विद्यालयों का सेल्फ असेसमेंट होने के पश्चात उनका मूल्यांकन जिला के संकुल साधन सेवी या प्रखंड साधन सेवी या प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी करेंगे, जिला कार्यालय यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी संकुल साधन सेवी या प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अपने कार्यक्षेत्र के इतर दूसरे विद्यालयों का मूल्यांकन करेंगे. मूल्यांकन के बाद ही विद्यालय को पुरस्कार के लिए अंतिम ग्रेडिंग दी जायेगी. मूल्यांकन के लिए प्रखंड स्तर, जिला स्तर पर प्रमंडल स्तर और राज्य स्तर पर मूल्यांकन के लिए समिति बनेगी. विद्यालयों को नकद पुरस्कार दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Narendra kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >