धनबाद. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) प्रबंधन ने अस्पताल भवन की स्थिति का आकलन कराने के लिए पूरी बिल्डिंग का तकनीकी ऑडिट कराने का निर्णय लिया है. अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डीके गिंदौरिया ने इस संबंध में भवन प्रमंडल को पत्र भेजकर पूरे भवन का निरीक्षण और तकनीकी ऑडिट कराने का आग्रह किया है. ऑडिट के माध्यम से यह आकलन किया जायेगा कि भवन के कौन-कौन से हिस्से सुरक्षित हैं और किन स्थानों पर तत्काल मरम्मत या संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है.
कई हिस्सों में खराबी से बढ़ी चिंता
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, एसएनएमएमसीएच के पुराने भवन सहित विभिन्न विभागों के कमरों, छत और सीलिंग में कई स्थानों पर खराबी देखी गयी है. बारिश के दौरान कुछ हिस्सों में पानी रिसने की समस्या भी सामने आती रही है. ऐसे में अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.
पिछले कुछ महीनों में अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति से जुड़ी घटनाएं भी सामने आयी हैं, जिनमें सीलिंग गिरने की घटना शामिल है. इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने अब पूरे भवन की तकनीकी स्थिति का विस्तृत आकलन कराने की पहल की है.
छत, सीलिंग, बीम और कॉलम की होगी जांच
तकनीकी ऑडिट के दौरान भवन की छत, सीलिंग, दीवारों, बीम, कॉलम समेत अन्य महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्सों की स्थिति की जांच की जायेगी. निरीक्षण के दौरान भवन की मौजूदा स्थिति और संभावित जोखिमों का आकलन किया जायेगा.
ऑडिट के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जा सकेगा कि किन हिस्सों में मरम्मत की जरूरत है और कहां संरचनात्मक सुधार अथवा अन्य सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं.
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन की ओर से भवन प्रमंडल से तकनीकी निरीक्षण कराने का आग्रह किया गया है. तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद जर्जर हिस्सों की मरम्मत, आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण अथवा अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
पूरे भवन के ऑडिट का उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना तथा संभावित संरचनात्मक जोखिमों की समय रहते पहचान करना है.
