धनबाद में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) की बहाली प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का पता चला है. सोमवार को धनबाद थाना पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र मुहैया कराने के आरोप में एक युवती और पांच युवकों हिरासत में लिया. उनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच चल रही है. पुलिस के अनुसार, ये युवा हिमाचल प्रदेश का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर आवेदकों को उपलब्ध कराते थे, ताकि बहाली प्रक्रिया में लाभ उठा सकें. सोमवार को मामले का खुलासा तब हुआ, जब ग्रामीण डाक सेवक की दूसरी मेधा सूची का सत्यापन किया जा रहा था. कुछ प्रमाण पत्र संदिग्ध मिलने पर डाक अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी. सूत्रों ने बताया कि गिरोह का काम अभ्यार्थियों का फर्जी सर्टिफिकेट बनाना और उसमें ज्यादा अंक के साथ पास होना दिखाना था. इस गिरोह के लोग कई वेबसाइट पर इस फर्जी प्रमाण पत्र को अपलोड कर देते थे, ताकि बाद में जांच करने पर सही लगे. जांच में तेलंगाना, हिमाचल समेत कई प्रदेशों से बने सर्टिफिकेट दिखे.
प्रधान डाकघर के बाहर से पकड़े गये सभी
धनबाद पुलिस तुरंत प्रधान डाकघर पहुंची. छानबीन के दौरान डाकघर के बाहर कुछ लोग इधर-उधर भागते दिखे. कई छिप गये. इस दौरान पुलिस ने पांच युवकों और एक महिला को पकड़ा. ये लोग पहले कुछ भी बताने से कतराते रहे. पुलिस इन्हें थाने ले गयी. वहां गहन पूछताछ चल रही है.
झरिया, धनबाद व अन्य स्थानों के लोग
हिरासत में लिये गये युवक-युवती झरिया, धनबाद व आसपास के इलाकों के निवासी बताये जा रहे हैं. पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगा रही है. धनबाद पुलिस मामले में कुछ भी बताने से परहेज कर रही है. इधर, डाक विभाग ने सोमवार शाम तक कोई लिखित शिकायत नहीं की थी.
