मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गोविंदपुर प्रखंड के 27,301 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि 38,954 नाम विसंगति सूची में रखे गये हैं.
एसआइआर से पहले प्रखंड में 2,32,993 मतदाता दर्ज थे, जो पुनरीक्षण के बाद घटकर 2,05,693 रह गये हैं. बड़ी संख्या में नामों में बदलाव के बाद अब विसंगति सूची में शामिल मतदाताओं के सामने अपने दावे के समर्थन में निर्धारित दस्तावेज जमा करने की चुनौती है.
मृत, स्थानांतरित और दोहरे नामों की हुई जांच
एसआइआर के दौरान मतदाता सूची की जांच में मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गये लोगों, एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान की गयी.
नोटिस मिलने के बावजूद निर्धारित प्रक्रिया में हस्ताक्षर नहीं करने वाले मतदाताओं के नाम भी जांच के दायरे में आये. सत्यापन के बाद ऐसे नामों को सूची से हटाया गया है.
विसंगति सूची में नाम का मतलब अधिकार खत्म होना नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विसंगति सूची में नाम शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का मतदान अधिकार स्थायी रूप से समाप्त हो गया है. ऐसे मतदाता निर्धारित प्रमाण पत्र बीएलओ के समक्ष प्रस्तुत कर अपना दावा कर सकते हैं. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नाम को दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
11 तरह के दस्तावेजों में किसी एक से कर सकते हैं दावा
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के प्रमाण पत्रों में से किसी एक के आधार पर दावा किया जा सकता है. इनमें जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी दस्तावेज और एक जुलाई 1987 से पहले का बैंक पासबुक सहित अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं.
अंचल कार्यालय में बन रहा मैनुअल प्रमाण पत्र
दस्तावेजों की जरूरत को देखते हुए गोविंदपुर अंचल कार्यालय में मैन्युअल जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. राजस्व उप निरीक्षकों को नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर दस्तावेजों का सत्यापन करने और आवश्यक प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया गया है. मैनुअल प्रमाण पत्र पर मुखिया, राजस्व उप निरीक्षक, अंचल निरीक्षक और अंचल अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे.
सात अक्तूबर तक प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती
गोविंदपुर के बीडीओ जहीर आलम और सीओ यशवंत कुमार सिन्हा के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की निर्धारित अंतिम तिथि सात अक्तूबर है. विसंगति सूची में शामिल मतदाताओं को इससे पहले अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. बीएलओ और सुपरवाइजरों के स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है.
अंतिम तिथि का इंतजार किये बिना अपना स्टेटस जानें
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपने नाम की स्थिति की जानकारी लें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें. अधिकारियों के अनुसार पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि मृत, स्थानांतरित और दोहरे नाम हटाने के साथ वास्तविक मतदाताओं का नाम सुरक्षित रखा जा सके.
