सेबी के लिस्टिंग नियमों के अनुपालन में कमी के कारण कोल इंडिया पर कुल 25.32 लाख रुपये का जुर्माना लगा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसइ) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसइ) ने कंपनी पर 12.66-12.66 लाख रु का जुर्माना लगाया है. कोल इंडिया ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंजों को जारी सूचना में बताया कि उसे 25 अगस्त 2026 को दोनों एक्सचेंजों से जुर्माने के नोटिस मिले.
स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति नहीं होने पर कार्रवाई
जुर्माने की कार्रवाई 30 जून 2026 को समाप्त हुए तिमाही के दौरान सेबी के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं होने को लेकर की गयी है. कंपनी के अनुसार, बोर्ड में सेबी के नियमों के अनुरूप आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण यह नौबत आयी. इसी आधार पर बीएसइ और एनएसइ ने अलग-अलग 12,66,140 रुपये का जुर्माना लगाया है.
नियुक्ति प्रबंधन के नियंत्रण में नहीं : कंपनी
कोल इंडिया ने अपने जवाब में कहा है कि संबंधित प्रावधानों का अनुपालन नहीं होना कंपनी की लापरवाही या जानबूझकर किये गये डिफॉल्ट का परिणाम नहीं है. कंपनी के अनुसार बोर्ड में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति उसके प्रबंधन के नियंत्रण में नहीं है. कोल इंडिया भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली सरकारी कंपनी है.
राष्ट्रपति की ओर से होती है नियुक्ति
कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुसार बोर्ड के सभी सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति की ओर से की जाती है. कोल इंडिया ने कहा है कि आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के लिए प्रबंधन लगातार कोयला मंत्रालय के समक्ष मामला उठाता रहा है.
जुर्माना माफ करने का आग्रह
कोल इंडिया ने बीएसइ और एनएसइ से जुर्माना माफ करने का अनुरोध किया है. कंपनी ने कहा कि पूर्व में भी ऐसे मामलों में एक्सचेंजों ने उसके अनुरोधों पर सकारात्मक विचार किया है. कंपनी के मुताबिक सेबी के अनुपालन संबंधी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.
