Dhanbad News: नगर निगम : फाइलों में भी दबी हैं योजनाएं, न फीडिंग सेंटर बना न शुरू हुआ ग्रिवांस सेल

18 मार्च को शपथ लेने वाली शहर की सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनेगी बदहाल व्यवस्था

नगर निगम की कई महत्वपूर्ण योजनाएं फाइलों में ही दबकर रह गयी हैं. शहर में न पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकी है और न ही आवारा कुत्तों के लिए फीडिंग सेंटर की योजना धरातल पर उतर पायी है. इसी तरह जोर-शोर से लांच किया गया पब्लिक ग्रिवांस सेल भी शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में 18 मार्च को शपथ लेने जा रही शहर की नयी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती निगम की सुस्त व्यवस्था को पटरी पर लाने की होगी.

ज्ञात हो कि 26 जनवरी को नगर निगम ने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवांस सेल की शुरुआत की थी. इसके तहत चौक-चौराहों से लेकर लोगों के घरों तक में क्यूआर कोड लगाने की योजना थी, ताकि लोग कचरा उठाव, सफाई या अन्य समस्याओं की शिकायत सीधे स्कैन कर दर्ज करा सकें. लेकिन, डेढ़ माह बाद भी शहर में कहीं क्यूआर कोड नहीं लगाया गया है. ऐसे में निगम की योजनाओं को शहरवासियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

क्या है पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की योजना

नगर निगम ने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की योजना बनायी थी, ताकि कुत्ते के काटने की घटनाओं का रिकॉर्ड रखा जा सके. टीकाकरण की निगरानी हो सके और पालतू कुत्तों के मालिकों की जवाबदेही तय की जा सके. लेकिन नगर निगम में न तो रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म उपलब्ध है और न ही शुल्क, टैगिंग और सत्यापन की प्रक्रिया तय की गयी है.

लावारिस कुत्तों के लिए फीडिंग सेंटर भी अधर में

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार शहरों में आवारा कुत्तों के लिए निर्धारित स्थानों पर फीडिंग सेंटर बनाना अनिवार्य है, ताकि उन्हें नियमित भोजन मिल सके और शहर में लोगों पर हमले की घटनाएं कम हों. नगर निगम ने इसके लिए69 स्थानों को चिह्नत भी किया है, लेकिन आज तक फीडिंग सेंटर शुरू नहीं हुआ.

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Author: ASHOK KUMAR

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