Dhanbad News: ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित-पर्यावरण अनुकूल खनन आवश्यक : पिंपरमुले

आइआइटी आइएसएम : संस्थान के शताब्दी वर्ष व्याख्यान माला के तहत खनन क्षेत्र में नीति व सतत संचालन पर कार्यशाला का आयोजन.

आइआइटी आइएसएम धनबाद के एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग की ओर से गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में सोमवार को शताब्दी व्याख्यान का आयोजन किया गया. इस अवसर पर केपीएमजी इंडिया के एसोसिएट पार्टनर महेश जी पिम्परमुले मुख्य वक्ता थे. उन्होंने “भारत के खनन क्षेत्र का रूपांतरण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट, नीति और सतत संचालन” विषय पर अपने विचार रखे. उन्होंने खनन क्षेत्र में तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य, नीति सुधारों और आधुनिक परियोजना प्रबंधन की भूमिका पर प्रकाश डाला. कोयला और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते महत्व, खदानों के संचालन की प्रक्रिया और सतत खनन की जरूरत को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल खनन अत्यंत आवश्यक है. कार्यक्रम में एप्लाइड जियोफिजिक्स, माइनिंग, जियोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी और छात्र शामिल हुए.

उद्योग व अकादमिक जगत के बीच सहयोग पर भी चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत में एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सौमेन मैती ने मुख्य वक्ता का स्वागत कर की. वहीं प्रो संजीत कुमार पाल ने श्री पिम्परमुले का परिचय दिया. मौके पर माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो भंवर सिंह चौधरी भी मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग पर भी चर्चा हुई. श्री पिम्परमुले ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और शोध सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >