मनईटांड़ बस्ती में बुधवार को चड़क पूजा सह भोक्ता पूजा का भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर 354 श्रद्धालुओं ने अपनी पीठ, जीभ और गाल में कील व त्रिशूल धारण कर भोक्ता खूंटा पर घूम कर भगवान शिव को अपनी भक्ति समर्पित की. इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘शिव-शिव’ के जयकारे से मनईटांड़ बस्ती गूंजती रही. चड़क पूजा में आसपास के मुहल्लों के साथ ही दूसरे प्रखंडाें से भी सैकड़ों लोग पहुंचे थे.
सबसे पहले भोक्ता खूंटा पर घूमते हैं पुजारी
करीब 150 वर्षों से चली आ रही इस पूजा की सबसे विशेष परंपरा यह है कि शिवभक्तों के घूमने से पहले पुजारी, जिन्हें पाटोनी कहा जाता है, स्वयं भोक्ता खूंटा में घूमते हैं. इस वर्ष पाटोनी शंकर महतो के सान्निध्य में तीन दिनों के कठिन उपवास के बाद सफेद धोती धारण कर शिवभक्तों ने सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान शिव की आराधना की.
पूजा स्थल पर की गयी थी आकर्षक विद्युत सज्जा : पूजा स्थल की फूलों और रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों से सज्जा की गयी थी. श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, लस्सी और अन्य व्यवस्थाएं समिति की ओर से की गयी थीं. साथ ही मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले (तारामाची ) लगाये गये थे. इस आयोजन में समाजसेवी दिलीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. आयोजन में मदन महतो, बलराम महतो, मुकेश महतो, सप्पू महतो, राणा चट्टराज, जय लाल महतो, दिनेश महतो, जितेंद्र रवानी, दर्पण महतो, राकेश महतो, विकेश भगत और रवि सोनी सहित कई लोगों की सक्रिय भूमिका रही.