सदर अस्पताल परिसर में लंबे समय से जर्जर पड़े पुराने एमटीसी के पास बने एसआरएल भवन और शौचालय भवन को अब ध्वस्त किया जायेगा. पिछले दिनों हुई डीएमएफटी की बैठक में डीसी आदित्य रंजन ने इन जर्जर भवनों को तोड़ने की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है.
इसके बाद अस्पताल परिसर से अनुपयोगी और खतरनाक ढांचों को हटाने का काम होगा. सीएस डॉ आलोक विश्वकर्मा ने भी इस संबंध में डीसी से कार्रवाई का अनुरोध किया था.
डीसी को दिये पत्र में बताया गया था कि अस्पताल परिसर स्थित एमटीसी, एसआरएल भवन और शौचालय भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं. फिलहाल ये अनुपयोग हैं. ऐसे में इनके कारण अस्पताल परिसर में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है.
हादसे का खतरा होगा कम
जर्जर भवनों को हटाने का सबसे बड़ा फायदा मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा को होगा. कमजोर हो चुके भवनों का कमजोर हिस्सा कभी भी गिर सकता था. इन्हें हटाने से अस्पताल परिसर में दुर्घटना की संभावना कम होगी.
खाली जमीन का होगा उपयोग
इन भवनों को हटाने के बाद अस्पताल परिसर में काफी जगह खाली होगी. इस जमीन का भविष्य में नये मरीज सुविधा केंद्र, पार्किंग, प्रतीक्षालय, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े भवन या अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है.
इससे सदर अस्पताल की सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध होगी. प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण शुरू होने की संभावना है. जर्जर भवन हटने से अस्पताल परिसर अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी.
