गैर शैक्षणिक चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से धनबाद जिले के 13 चिकित्सकों की सेवा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गयी है.
ये चिकित्सक वर्तमान में 65 से 67 वर्ष की आयु सीमा के बीच के हैं. प्रस्ताव लागू हुई तो इनकी सेवा समाप्त होने की संभावना है. हालांकि, फिलहाल किसी चिकित्सक को सेवा से हटाने का आदेश जारी नहीं हुआ है.
एसएनएमएमसीएच के चार और स्वास्थ्य केंद्रों के नौ चिकित्सक होंगे प्रभावित
जानकारी के अनुसार, एसएनएमएमसीएच में ऐसे चार चिकित्सक हैं, जिनकी उम्र 65 से 66 वर्ष के बीच है. इनके अलावा जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नौ चिकित्सक भी इस आयु वर्ग में हैं. कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित चिकित्सकों के बीच भी आगे की सेवा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच बढ़ेगी चुनौती
एसएनएमएमसीएच में पहले से ही विभिन्न विभाग चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में अनुभवी वरिष्ठ चिकित्सकों की सेवा समाप्त होने पर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.
वरिष्ठ चिकित्सक नियमित चिकित्सा सेवाओं के अलावा मरीजों के उपचार, विभागीय कार्य और मार्गदर्शन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी संख्या घटने से उपलब्ध चिकित्सकों पर काम का बोझ बढ़ने की आशंका है.
स्वास्थ्य केंद्र व ग्रामीण क्षेत्र के मरीज होंगे प्रभावित
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में भी वरिष्ठ चिकित्सकों की कमी होने पर ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, नई व्यवस्था का वास्तविक असर सरकार की ओर से जारी होने वाले अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा.
नोटिफिकेशन के बाद साफ होगी तस्वीर
कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बावजूद अभी तक इस संबंध में विभागीय नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. लिहाजा, चिकित्सकों की सेवा के संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि अधिसूचना में 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अथवा 65 से 67 वर्ष के बीच कार्यरत चिकित्सकों पर नये प्रावधान को किस तरह लागू किया जाता है.
सभी कर रहे विभागीय आदेश का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के आदेश का इंतजार एसएनएमएमसीएच प्रबंधन के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग को भी है. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही संबंधित चिकित्सकों की सेवा अवधि, पात्रता और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
