धनबाद ही नहीं अन्य जिलों के फैमिली कोर्ट में भी ओवर बर्डन है. कोर्ट में पारिवारिक विवाद सुलझाने में लंबा समय लग रहा है. ऐसे में अपने स्तर से ही विवाद सुलझाने का प्रयास करें. जरूरत पड़ी तो घर के बुजुर्ग या पंच स्तर से समस्या सुलझाने का प्रयास करें. न्यायालय अंतिम विकल्प होना चाहिए. यह कहना है धनबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार तिवारी का.
प्रभात खबर लीगल काउंसलिंग में रविवार को वह लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे. इसमें धनबाद, बोकारो व गिरिडीह से लोगों ने पारिवारिक विवाद व क्राइम से जुड़े कई सवाल पूछे. अधिवक्ता श्री तिवारी ने सभी के सवालों का जवाब दिया और उन्हें आगे क्या करना है, इसके सुझाव भी दिये. अधिवक्ता श्री तिवारी ने क्राइम से जुड़े सवालों पर कहा कि अगर आपका केस थाना नहीं लेता है तो वरीय अधिकारी से शिकायत करें. अगर वरीय अधिकारी भी नहीं सुनते हैं तो न्यायालय की शरण में जाएं.सवाल-जवाब
नंद किशोर (कथारा बोकारो) का सवाल :
आरटीई के तहत निजी स्कूल में बेटे का एडमिशन हुआ था. दो माह तक बेटे ने स्कूल में पढ़ाई भी की. जिला शिक्षा अधीक्षक ने बेटे का नामांकन रद्द कर दिया. क्या करें. अधिवक्ता का जवाब : उपायुक्त से इसकी लिखित शिकायत करें. अगर डीसी स्तर से कार्रवाई नहीं होती है तो कोर्ट में रिट फाइल करें.कृष्णा कुमार (पुराना बाजार, धनबाद) का सवाल :
पुराना बाजार में 40 साल से मकान में रह रहे हैं. अचानक एक व्यक्ति आया और कहा कि यह मेरा मकान है. मकान खाली किजिये. अधिवक्ता का जवाब : रजिस्ट्री विभाग से जमीन की डीड का सर्टिफाइड कॉपी निकलवायें. ब्लॉक में जाकर थोका (एकाउंट) किसने नाम से खुला है, इसकी जानकारी लें. इसके बाद लीगल प्रोसेस करें.गौरव सिंह (हीरापुर, धनबाद) का सवाल :
2015 में हीरापुर में जमीन खरीदी. जमीन की चहारदीवारी भी करा दी. कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने आकर कहा कि यह जमीन राजा की है और बाउंड्री तोड़ दी. क्या करें. अधिवक्ता का जवाब : जमीन का हुकुमनामा किसके नाम पर है. अगर आपके नाम पर है तो म्यूटेशन का पेपर लेकर थाना में मामला दर्ज कराएं.अभिजीत सेन (डिगवाडीह धनबाद) का सवाल :
टाइटल सूट का मामला है. भाई ने गलत डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में जमा कर दिया है. क्या करें. अधिवक्ता का जवाब : खतियान का सर्टिफाइड कॉपी डीसी ऑफिस से निकलवायें. इसके बाद सर्टिफाइड कॉपी को टाइटल सूट में दाखिल किजिये. कोर्ट में एग्जिटिव कराएं. कोर्ट संज्ञान लेगा.धर्मेंद्र कुमार दुबे (रेलवे कॉलोनी) का सवाल :
पड़ोसी से झगड़ा हुआ तो पड़ोसी ने केस कर दिया. थाना से बेल लिये हैं. अचानक कोर्ट से सम्मन आया है. क्या करें. अधिवक्ता का जवाब : बेलेबल धारा में थाना बेल देता है. कोर्ट से सम्मन आया है तो बेल लेना होगा. ट्रायल फेस करना होगा.रामानंद शर्मा (बरवाअड्डा, धनबाद) का सवाल :
कुछ दिन पहले मुहल्ले में चोरी की घटना घटी. चोरी के केस में मेरा नाम डाल दिया. मुझे फंसाया जा रहा है. एक बार पुलिस आयी थी. पूछताछ भी की. आगे क्या करें. अधिवक्ता का जवाब : आप उस दिन बाहर थे, उसका साक्ष्य थाना को दें. वरीय अधिकारी से मिले. आइओ के स्तर से ही केस से नाम हट सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
