Dhanbad News : संवाददाता, धनबाद. जलेस के 45वें स्थापना दिवस पर धनबाद इकाई ने स्थानीय सीपीएम कार्यालय, प्रेमचंद नगर के सभागार में ‘वर्तमान समय और साहित्यकार’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की. मौके पर कथाकार रूपलाल बेदिया ने कहा कि वर्तमान समय का संकट हम लेखकों के लिए एक चुनौती भी है. हम लेखक हैं और हमारा लेखकीय दायित्व है कि हम उन स्थितियों का भी चित्रण अपनी रचनाओं में खुल कर करें, जो हमें दिखाई दे रही हैं. हेमंत मिश्रा ने कहा कि समुचित विकास के नाम पर संकुचित विकास का उदय हमें एक गहरे संकट में डालने वाला विकास है. उन्होंने कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि उस विकट परिस्थिति में जहां गरीब और गरीब हुए, वहीं पूंजीपतियों के खजाने में पांच से छह प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. मुख्य अतिथि डॉ अली इमाम खान ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमें वर्तमान समय का गहन अध्ययन कर हमें अपनी बातें पाठकों के समक्ष रखनी चाहिए. दमन-शोषण का प्रतिरोध हर समय होता रहा है और प्रतिरोध की आवाज़ें हमेशा मुखर रही हैं. गोष्ठी के अध्यक्ष कवि अनवर शमीम ने बताया कि मुश्किल समय हर दौर में आते रहे हैं. उन्होंने कहा कि लेखक हमेशा जनता के पक्ष में खड़े होकर उसकी आवाज को अपनी रचनाओं में जगह देता है. संचालन करते हुए कुमार अशोक ने जलेस की स्थापना की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला. इनके अलावा इम्तियाज-बिन-अजीज, डॉ युनूस फिरदौसी, सैयद मिफ़्ताहुल आरफ़ीन रिज़वी, शिवकुमार पंडित, रवि सिंह, सपन माजी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. गोष्ठी के अंत में उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ किया.
Dhanbad News : दमन और शोषण का प्रतिरोध : डॉ अली इमाम खान
Dhanbad News : जलेस के 45वें स्थापना दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
