VIDEO: मंईयां सम्मान से वंचित महिलाओं ने पोस्टर फाड़ लगा दी आग, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, अफसर भागे

Protest For Maiya Samman Yojana in Dhanbad: धनबाद की महिलाओं ने मंईयां सम्मान योजना के लिए अंचल कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया. मंईयां सम्मान के पोस्टर को फाड़कर उसमें आग लगा दी. महिलाओं का उग्र रूप देख अंचल कार्यालय से अफसर और कर्मचारी चुपचाप निकल गए.

Protest For Maiya Samman Yojana| धनबाद, प्रतीक पोपट : हर महिला को हर महीने 2500 रुपए देने वाली झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मंईयां सम्मान योजना’ से वंचित महिलाओं का रौद्र रूप देखकर अंचल अधिकारी और अंचल कार्यालय के कर्मचारी भाग खड़े हुए. महिलाओं ने मंईयां सम्मान योजना का पोस्टर फाड़कर उसमें आग लगा दी. घटना धनबाद जिले के धनबाद अंचल कार्यालय का है. यहां महिलाओं ने काफी देर तक जमकर बवाल काटा. इसके बाद बाहर लगे ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के पोस्टर को फाड़कर उसमें आग लगा दी. महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. उन्होंने कहा कि जब सबको योजना का लाभ मिलना है, तो उनको क्यों नहीं मिल रहा.

मंईयां सम्मान नहीं मिला, तो उग्र हुईं धनबाद की महिलाएं. Video में देखें कैसा था महिलाओं का प्रदर्शन.

मंईयां सम्मान का पोस्टर जलाकर रोड को कर दिया जाम

महिलाओं ने चिरागोड़ा-हीरापुर मुख्य मार्ग पर मंईयां सम्मान योजना का पोस्टर फाड़कर जला दिया. रोड को जाम कर दिया. महिलाओं ने कहा कि जब तक मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलेगा, सड़क को खाली नहीं करेंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है. मंईयां सम्मान के नाम पर वोट ले लिया, अब पैसे देने की बारी आई, तो सरकरी कर्मचारी उन्हें इस ऑफिस से उस ऑफिस दौड़ा रहे हैं.

मंईयां सम्मान योजना के पोस्टर को फाड़कर सड़क पर फेंका.

महिलाओं का गुस्सा देख सीओ और अंचल के कर्मचारी भागे

अंचल कार्यालय पहुंची महिलाओं ने कहा कि चार महीने से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहीं हैं. अंचल कार्यालय के कर्मचारी उपायुक्त के कार्यालय जाने को कहते हैं, तो उपायुक्त कार्यालय से वापस अंचल कार्यालय भेज दिया जाता है. दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो गईं हैं. कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही. महिलाओं का गुस्सा देख अंचल अधिकारी और अंचल कार्यालय के कर्मचारी बारी-बारी से वहां से निकल गए. अंचल कार्यालय थोड़ी ही देर में खाली हो गया.

पोस्टर को सड़क पर जलाकर महिलाओं ने जमकर की नारेबाजी.

महिलाएं बोलीं- कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक गए

महिलाओं ने कहा कि घर का सारा काम छोड़कर मंईयां सम्मान योजना के लिए आवेदन करने आते हैं. एक उम्मीद है कि सरकार की योजना का लाभ मिलेगा, तो परिवार का गुजारा करने में मदद हो जाएगी. बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकल आएगा. लेकिन, अधिकारियों को आम लोगों की परेशानी से कोई लेना-देना ही नहीं है. बार-बार दौड़ाया जा रहा है. महिलाओं ने कहा, ‘कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर हम थक चुके हैं. अब आर-पार होकर रहेगा.’ महिलाओं ने बुधवार को यह प्रदर्शन किया.

इसे भी पढ़ें

बाबाधाम में ऑनलाइन पूजा के नाम पर 9117 लोगों से 4.64 करोड़ की ठगी, ऐसे हुआ खुलासा

9 जनवरी 2025 को आपके यहां कितने में मिल रहा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें कीमत

पहाड़ से आ रही हवाओं ने झारखंड में बढ़ाई कनकनी, मैक्लुस्कीगंज का पारा 1.5 डिग्री, 4 दिन और सताएगी ठंड

साहिबगंज पहुंचा डॉ भारती का कारवां, हेल्थ हूल मेला में मिले यूटरिन प्रोलैप्स के सबसे ज्यादा मामले

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >