देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भरोसेमंद और निर्बाध कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए कोयला उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने के साथ बुनियादी ढांचे और कोयला वाशरी की क्षमता को मजबूत करना जरूरी है. यह बात कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को मंत्रालय, कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कही.
उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर
मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि बढ़ती ऊर्जा मांग के अनुरूप कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे और पर्याप्त वाशरी क्षमता विकसित करना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को परिचालन दक्षता बढ़ाने और प्रमुख परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिये.
उन्होंने कोयले की आपूर्ति शृंखला में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर भी जोर दिया. बैठक में उत्पादन से लेकर डिस्पैच तक पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग के अनुरूप कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई.
आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, बुनियादी ढांचे और वाशरी क्षमता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गयी. अधिकारियों को कोयला आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने और परिचालन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया.
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बैठक में कोयला सचिव विक्रम देव दत्ता, कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईंराम, बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल समेत कोल इंडिया की अन्य अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी, निदेशक और संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
