नवोदय विद्यालय में कैंप कर रही है पुलिस, प्राथमिकी दर्ज

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निरसा/ बेनागड़िया. जेएनवी के दसवीं क्लास के छात्र सुमित कुमार की पिटाई को लेकर जेएनवी बेनागङिया विद्यालय परिसर में शनिवार को स्थिति सामान्य रही. हालांकि एहतियातन निरसा पुलिस विद्यालय परिसर में कैंप कर रही है. वही आज अनुमंडल शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कुमारी स्वाति विद्यालय परिसर पहुंची. मामले की जानकारी प्राप्त की तथा विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.

मालूम रहे की दसवीं कक्षा के छात्र सुमित कुमार की पिटाई के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों द्वारा विद्यालय परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की गई थी. विद्यालय प्रबंधन द्वारा कहा गया कि तोड़फोड़ में विद्यालय को लगभग 2 लाख का नुकसान हुआ है. इस संबंध मे जेएनवी के अध्यक्ष सह उपायुक्त धनबाद आदित्य रंजन एवं क्षेत्रीय कार्यालय को मामले की जानकारी लिखित रूप से दे दी गई है. वरीय पदाधिकारी के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. अनुमंडल शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने ली मामले की जानकारी

शनिवार को अनुमंडल शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कुमारी स्वाति जेएनवी विद्यालय परिसर पहुंची तथा प्राचार्य एवं शिक्षकों से पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के काउंसलिंग की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. साथ ही मारपीट की घटित घटना जिस हॉस्टल में हुई थी उसका भी निरीक्षण किया. हाउस मास्टर से पूरे मोहल्ले की जानकारी प्राप्त की गई. इस दौरान पीड़ित छात्र एवं मारपीट करने वाले छात्रों के द्वारा विद्यालय के शिक्षकों के समक्ष दिए गए बयान की भी जानकारी प्राप्त की गई. उन्होंने विद्यार्थियों के काउंसलिंग व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्ति तथा उसमें सुधार की बात कही. सामान्य रूप से संचालित हुई कक्षाएं

शुक्रवार को विद्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़ एवं हो हंगामा के कारण शुक्रवार को पूरा विद्यालय परिसर अस्त-व्यस्त रहा. कक्षाएं नहीं चली तथा ग्रामीणों के आक्रोश के कारण शिक्षक एवं कर्मचारी जहां सुरक्षित मिला स्थान मिला वहीं दुबके नजर आए. वहीं शनिवार को विद्यालय परिसर की कक्षाएं नियमित रूप से शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुई. हालांकि विधि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस अभी भी विद्यालय परिसर में कैंप किए हुए हैं. डरे एवं सहमे हुए हैं परिसर में रहने वाले शिक्षक शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जेएनवी के शिक्षकों के आवासीय परिसर में किए गए हमले एवं तोड़फोड़ के बाद शिक्षकों एवं कर्मचारियों के स्वजन डर एवं सदमे से उबर नहीं पाए हैं. शनिवार को जब शिक्षकों के स्वजनों से बात की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ग्रामीणों द्वारा किए गए पत्थर बाजी से किसी तरह हम लोग बचने में कामयाब हुए हैं. हम लोग इतने डरे एवं सहमे हुए हैं कि हम लोग शुक्रवार से विद्यालय परिसर से बाहर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे. विद्यार्थियों के बीच किस बात को लेकर झगड़ा एवं मारपीट हुई इससे हम लोगों को कोई लेना-देना नहीं है. परंतु जानबूझकर शिक्षक आवास परिसर को निशाना बनाकर तोड़फोड़ एवं पत्थर बाजी करना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है. हम लोग भी बाल बच्चेदार हैं. शुक्रवार की घटना के बाद से हम लोग काफी डरे एवं सहमे हुए हैं. तोड़फोड़ में 2 लाख की संपत्ति का नुकसान

इस संबंध में जानकारी देते हुए जेएनवी के प्रभारी प्राचार्य डॉ चंद्रकांत यादव बताया कि ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार को शिक्षकों के आवासीय परिसर में हुई तोड़फोड़ में लगभग 2 लाख रुपए का नुकसान हुआ है. इस संबंध में हम लोगों ने उपायुक्त सह जेएनवी के अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय कार्यालय को लिखित रूप से पूरा ब्योरा दे दिया है. वरीय पदाधिकारी के दिशा निर्देश के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने किया प्राथमिकी दर्ज वादी सुमित कुमार दास पिता सुबोध रविदास के फर्द बयान के आधार पर निरसा थाना में कांड संख्या 231/26 के तहत धारा 127/ 115(2)/ 117(2)/ 351(2)/352/ 109(1)/3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

प्राथमिकी में वादी द्वारा आरोप लगाया गया है कि उनका पुत्र पीड़ित जो नवोदय विद्यालय के दसवीं का छात्र है. उसे क्लास के छात्रों द्वारा रह रहे उदयगिरि हाउस हॉस्टल उसमें कुल 16 छात्र रह रहे थे. इस क्लास के इस हॉस्टल में रह रहे छात्रों के द्वारा पीड़ित को रस्सी में बांधकर मारपीट किया गया एवं रैगिंग किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया.

जांच एवं अनुसंधान के दौरान पाया गया कि वादी के पुत्र पीड़ित अप्रैल माह में रह रहे हॉस्टल के अपने ही सहपाठी का मोबाइल चोरी कर लिया था. जिसको कचरा में छुपा कर रखा गया था. काफी दबाव से समझने के बाद मोबाइल लाकर वापस कर दिया गया था. फिर जुलाई में महीने में ही इस कांड में सम्मिलित के द्वारा पीड़ित के मोबाइल पर एक हजार एवं दो हजार दो बार घर से पैसा मंगवाया गया था.

उसे पैसा में से 1100 किसी दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया. बाकी 1900 में से 1000 खर्च कर दिया गया. बाकी पैसा बोलने पर 900 रुपया वापस कर दिया गया. इस प्रकार बार-बार पीड़ित के द्वारा घटना किए जाने के कारण उसके सहपाठी जो उसी कमरे में रह रहे थे. काफी नाराज हो गए और इस तरह के इस घटना को अंजाम दिया.

यह घटना रैगिंग का नहीं है. विधि विरुद्ध किए गए कार्य 6 में से तीन को निरुद्ध कर लिया गया. निरुद्ध किए गए किशोर को दंडाधिकारी के पास प्रस्तुत करने हेतु भेजा जा रहा है. इस टीम में बुरा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती, चिरकुंडा इंस्पेक्टर फागु होरो, मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार, गलफरबाड़ी ओपी प्रभारी शेखर कुमार, निरसा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक बृज किशोर सिंह, डॉ शिल्पी भगत, सुमन कुमार कंठ, अजय कुमार शामिल थे. इस दौरान पांच स्क्रीन टच मोबाइल भी बरामद किया गया.


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