कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) में डिजिटल सुधारों के बाद पीएफ और पेंशन से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण तेजी आयी है. संगठन का लक्ष्य वर्ष 2026 तक जीरो पेंडेंसी हासिल करना है. सीएमपीएफओ के अनुसार सी-केस (सेंट्रलाइज केस मैनेजमेंट सिस्टम) लागू होने के बाद अब शिकायतों के समाधान में लगने वाला समय काफी घट गया है. सूचना के मुताबिक वर्ष 2024 में जहां शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 21 कार्य दिवस था. वहीं वर्ष 2025 में यह घटकर 15 कार्य दिवस हो गया है. अब वर्ष 2026 के लिए अधिकतम सात कार्य दिवस में पीएफ व पेंशन से जुड़ी शिकायतों के समाधान का लक्ष्य तय किया गया है.
पीएफ-पेंशन मामलों की हो रही ऑनलाइन निगरानी
बता दें कि सी-केस डिजिटल सिस्टम के जरिए अब पीएफ व पेंशन मामलों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है. लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से रियल-टाइम में देख सकते है. इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि फाइलों के अटकने व अनावश्यक देरी की समस्या से भी निजात मिलेगी.
पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की अब रियल-टाइम मॉनिटरिंग
सूचना के मुताबिक सी-केस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की निगरानी रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से की जा रही है. हर क्षेत्रीय कार्यालय में लंबित मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. पहले अक्सर आधार या नाम में त्रुटि के कारण डेटा मिसमैच की समस्या आती थी, जिसे अब आधार और पैन लिंकिंग के जरिए लगभग समाप्त कर दिया गया है.
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