अक्षय तृतीया 10 को, दान-पुण्य का है विशेष महत्व

इस दिन किये गये दान का फल अक्षय रहता है

धनबाद.

बैशाख माह शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनायी जाती है. पंडित गुणानंद झा ने बताया कि इस साल 10 मई को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जायेगा. मिथिला पंचाग के अनुसार यह तिथि 10 मई को सुबह छह बजे शुरू होगी जो पूरे दिन रहेगी. इस दिन रोहिणी नक्षत्र, गजकेसरी योग बन रहा है जो जातक के लिए बहुत शुभ है. शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त कहा जाता है. इसे सबसे सिद्ध मुहूर्त माना गया है. विजया दशमी, दिपावली, अक्षय तृतीया को पूरा दिन व सावण पूर्णिमा को आधा दिन माना जाता है. इसलिए साढ़े तीन मुहुर्त कहा जाता है. अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती मनायी जाती है. मां गंगा का अवतरण भी इसी दिन धरती पर हुआ था. इस दिन खरीदारी, दान पुण्य व गंगा स्नान का बहुत महत्व है. इस दिन किये गये दान का फल अक्षय रहता है. भगवान विष्णु व लक्ष्मी माता की आराधना करने से जातक को उनकी कृपा मिलती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >