तेरह दिवसीय मधुश्रावणी का पावन पर्व समाप्त हो गया. मिथिलांचल का प्रमुख लोकपर्व मधुश्रावणी तीन अगस्त से प्रारंभ हुआ था. मधुश्रावणी का पर्व नवव्याहताओं ने अखंड सुहाग के लिए की गयी. सुहागिनों ने गीत गाये.
समापन के दिन व्रती को टेमी दागा गया. व्रती ने सुहागिनों को सुहाग का पिटारा देकर उनसे आशीष लिया. आहूत देवी-देवता को विसर्जित किया. गोसाईंडीह के रहनेवाले संतोष मिश्रा की बेटी स्नेहा चौधरी ने अपने पति रोशन चौधरी के लिए विधि-विधान से मधु श्रावणी का व्रत किया.
27 फरवरी 2026 को इन्होंने दांपत्य जीवन में कदम रखा है. स्नेहा ने बताया पति की लंबी उम्र के साथ परिवार में की सुख-समृद्धि के लिए मां गौरा से मन्नत मांगी. हम सुहागिनों के लिए इस व्रत का बहुत महत्व है. हीरापुर के रहनेवाले मिथिलेश चौधरी की बेटी निधि झा अपने पति सन्नी झा के लिए व्रत किया.
