बीसीसीएल के वित्तीय प्रदर्शन में वर्ष 2025-26 के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. कंपनी का कर पूर्व लाभ (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) वित्तीय वर्ष 2024-25 के 1702.90 करोड़ रुपये से घटकर मात्र 149.20 करोड़ रुपये रह गया है. यानी एक वर्ष में कंपनी के मुनाफे में करीब 91 प्रतिशत की कमी आयी है. वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी के कई एरिया ने लाभ दर्ज किया है, हालांकि गत वित्तीय वर्ष के मुकाबले में उनका प्रदर्शन कमजोर ही रहा. वहीं गोविंदपुर, कतरास, पीबी एरिया, बस्ताकोला, ईजे, सीवी, डब्ल्यूजे, मधुबन और हेड ऑफिस घाटे में रहे.
इधर इस वित्तीय वर्ष में कंपनी में दो अलग-अलग तस्वीरें भी देखने को मिली. जहां लोदना एरिया ने घाटे से निकलकर शानदार वापसी की है. वहीं पूर्व में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बरोरा, कुसुंडा और बस्ताकोला जैसे महत्वपूर्ण एरिया का प्रदर्शन इस वर्ष कमजोर रहा.ब्लॉक-टू एरिया का मुनाफा सबसे अधिक
बीसीसीएल में सबसे ज्यादा मुनाफा ब्लॉक-टू एरिया ने कमाया. उक्त एरिया ने 862.61 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ अर्जित किया. हालांकि गत वर्ष की तुलना में इसमें भी करीब 190 करोड़ रुपये की कमी आयी है. इसके बावजूद कंपनी का सबसे मजबूत वित्तीय स्तंभ ब्लॉक-टू ही बना हुआ है.लोदना एरिया ने लगाई छलांग
वर्ष 2024-25 में 602.37 करोड़ रुपये घाटा में रहने वाला लोदना एरिया 2025-26 में 242.53 करोड़ रुपये के लाभ में पहुंच गया है. लोदना एरिया ने एक वर्ष में लगभग 845 करोड़ रुपये का सुधार दर्ज किया है.बरोरा व कुसुंडा एरिया की कमाई घटी
एक समय बीसीसीएल के सबसे अधिक लाभ देने वाले क्षेत्रों में शामिल बरोरा एरिया का मुनाफा 1174.90 करोड़ रुपये से घटकर 370.37 करोड़ रुपये पर आ गया है. यानी मुनाफे में एक साल में करीब 805 करोड़ रुपये की गिरावट आयी है. वहीं कुसुंडा एरिया का लाभ भी 717.48 करोड़ रुपये से घटकर 379.19 करोड़ रुपये रह गया. दोनों एरिया की कमाई में आयी इस बड़ी गिरावट ने बीसीसीएल के कुल लाभ को प्रभावित किया.घाटे में बस्ताकोला एरिया
वित्तीय रिपोर्ट में सबसे बड़ा झटका बस्ताकोला एरिया से मिला. वर्ष 2024-25 में 273.97 करोड़ रुपये लाभ में रहने वाला यह एरिया इस वर्ष 250.30 करोड़ रुपये के घाटे में पहुंच गया है. एक वर्ष में 524 करोड़ रुपये से अधिक का नकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया.कतरास और गोविंदपुर अब भी घाटे में
गोविंदपुर एरिया लगातार सबसे अधिक घाटे वाले क्षेत्रों में बना हुआ है. इस वर्ष मामूली सुधार के बावजूद इसका घाटा 405.89 करोड़ रुपये रहा. वहीं कतरास एरिया का घाटा 190.83 करोड़ रुपये से बढ़कर 309.25 करोड़ रुपये पहुंच गया है.पीबी, सीवी और डब्ल्यूजे एरिया ने नुकसान घटाया
इधर पीबी एरिया का घाटा 479.29 करोड़ रुपये से घटकर 382.99 करोड़ रुपये रह गया. सीवी एरिया का घाटा 427.39 करोड़ रुपये से घटकर 323.58 करोड़ रुपये और डब्ल्यूजे एरिया का घाटा 334.02 करोड़ रुपये से घटकर 266.84 करोड़ रुपये रह गया.वाशरी डिवीजन का भी लाभ घटा
वाशरी डिवीजन ने 235.83 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है, लेकिन गत वर्ष की तुलना में इसमें भी गिरावट है. वर्ष 2024-25 में इसका लाभ 410.69 करोड़ रुपये था. जबकि दहीबाड़ी वाशरी का लाभ 43.19 करोड़ रुपये से घटकर 14.27 करोड़ रुपये रह गया है.
