धनबाद. केंद्र सरकार के MMDR कानून के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की बाघमारा प्रखंड इकाई ने शनिवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष धीरेन रवानी ने की. धरना में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए. इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिनियम वापस लेने की मांग की गयी.
झारखंड के हितों के प्रतिकूल है अधिनियम : कामेश्वर महथा
धरना को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय सदस्य कामेश्वर महथा उर्फ डबलू महथा ने कहा कि यह अधिनियम झारखंड के हितों के प्रतिकूल है. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था तथा बड़ी आबादी का जीवन खनिज संसाधनों से जुड़ा है. ऐसे में खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े कानूनों का राज्य पर सीधा असर पड़ता है.
उन्होंने कहा कि झारखंड जल, जंगल और जमीन के अधिकार को लेकर लंबे समय से संघर्ष करता रहा है. राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर यहां के लोगों का अधिकार और हित सुनिश्चित होना चाहिए.
राज्य के अधिकारों पर असर डालने वाले प्रावधानों का विरोध
महथा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से झारखंड के हित प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि झामुमो ऐसे किसी भी प्रावधान का विरोध करेगा, जिससे राज्य के अधिकारों पर असर पड़ता हो. उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी.
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने तथा राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया.
स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास का लाभ मिले
अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच खनिज संसाधनों तथा उनसे जुड़े अधिकारों को लेकर स्पष्टता जरूरी है. प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस तरह होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके.
ये रहे उपस्थित
धरना-प्रदर्शन में मनोज रवानी, अर्जुन भुईयां, संजय कुमार, प्रेमा पांडेय, दयाल महतो, शिव प्रसाद महतो सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे.
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