धनबाद. जापान के छात्र संगठन नमस्ते इंडिया के छह सदस्य बुधवार को पुटकी के गांधीग्राम स्थित दिव्यांग कॉलोनी करकेंद पहुंचे. आत्म-स्वाभिमान के सचिव शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंचे जापानी युवा करीब एक सप्ताह तक दिव्यांगजनों के बीच रहेंगे. इस दौरान वे उनके साथ समय बिताने के साथ उनकी जरूरतों और समस्याओं को करीब से समझने का प्रयास करेंगे. साथ ही सेवा और सहयोग से जुड़े कार्यों में भी भाग लेंगे.
ग्रामीण एकता मंच ने किया स्वागत
जापानी युवाओं के पहुंचने पर ग्रामीण एकता मंच की ओर से उनका स्वागत किया गया. मंच के अध्यक्ष बबलू सिंह ने कहा कि भारत की ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा मानवता और संवेदना का संदेश देती है. जापान से आये युवाओं का दिव्यांगजनों के बीच समय बिताने और सेवा कार्यों में शामिल होने के लिए क्षेत्र में पहुंचना सम्मान की बात है.
मंच के कार्यालय में ठहरने की व्यवस्था
जापानी छात्रों के ठहरने की व्यवस्था ग्रामीण एकता मंच के कार्यालय में की गयी है. सप्ताहभर के प्रवास के दौरान वे दिव्यांग कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ समय बितायेंगे. इस दौरान उनकी दिनचर्या, जरूरतों और चुनौतियों को समझने के साथ सेवा कार्यों में सहयोग करने की योजना है.
सेवा और अपनत्व का संदेश
स्थानीय लोगों ने जापानी युवाओं के इस दौरे को सामाजिक संवेदना और मानवीय सहयोग से जोड़कर देखा. विदेशी युवाओं का दिव्यांगजनों के बीच रहकर उनके साथ समय बिताना और सेवा गतिविधियों में भाग लेना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. आयोजकों के अनुसार इस तरह के संवाद से अलग-अलग देशों और समुदायों के लोगों के बीच मानवीय रिश्तों और आपसी समझ को बढ़ावा मिलता है.
एक सप्ताह के प्रवास के दौरान जापानी युवा दिव्यांगजनों के साथ सीधे संवाद करेंगे और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास करेंगे. आयोजकों को उम्मीद है कि उनका यह प्रवास सेवा, सहयोग और अपनत्व का सकारात्मक संदेश देगा.
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