कार्यपालिका और विधायिका के टकराव पर जयराम महतो का सरकार को संदेश, बोले- लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं

धनबाद में एक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य में फिलहाल कार्यपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति दिख रही है.

धनबाद. झारखंड में कार्यपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है. रविवार को धनबाद में एक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य में फिलहाल कार्यपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति दिख रही है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह ठीक नहीं है. मुख्यमंत्री को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का उदाहरण देते हुए कहा कि साहिबगंज उपायुक्त का उनसे नहीं मिलना घोर आपत्तिजनक है. नेता प्रतिपक्ष संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें शैडो मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जाता है. सरकार को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.

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देवेंद्र महतो और जेएलकेएम में कोई मनमुटाव नहीं

देवेंद्र महतो और जेएलकेएम के बीच मनमुटाव की चर्चा पर जयराम महतो ने कहा कि दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति या संगठन आगे बढ़ता है, तो राजनीतिक चर्चाएं होना स्वाभाविक है. इन चर्चाओं को ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है.

देवेंद्र महतो (फाइल फोटो)

जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि देवेंद्र महतो और जेएलकेएम के बीच किसी प्रकार का मनमुटाव नहीं है. उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो छात्रों के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और जेएलकेएम उन्हें पूरा सहयोग दे रहा है.

पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन वापस लेने पर भी निशाना

पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन वापस लेने के सवाल पर जयराम महतो ने कहा कि एसोसिएशन ने आंदोलन इसलिए वापस लिया, क्योंकि उसे आगे होने वाली स्थिति का अंदाजा था. हालांकि उन्होंने पुलिस और प्रशासन में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों की सराहना की.

उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना उनका राजनीतिक और सामाजिक दायित्व है और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे.

रामकनाली हादसे के लिए अवैध खनन को बताया जिम्मेदार

रामकनाली हादसे को लेकर जयराम महतो ने अवैध खनन को इसकी मुख्य वजह बताया. उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधि पर भी आरोप लगाये. जयराम महतो ने दावा किया कि कोयले के कारोबार और अवैध खनन से जुड़े कामों ने बाघमारा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है.

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उन्होंने अवैध खनन के मामले में ब्यूरोक्रेसी और सफेदपोश लोगों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया. हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.

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By Vicky Prasad

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