Dhanbad News: बच्चों को कफ सीरप पिलाने की जगह करें घरेलू उपाय

Dhanbad News:डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए उसके उम्र के अनुरूप ही कफ सिरफ आता है. बहुत जरूरी होने पर ही डॉक्टर इस कफ सीरप को लिखते है. लेकिन कफ सीरप से बेहतर है घरेलू उपाय.

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने दो साल तक के बच्चों को कफ सीरप नहीं देने की सिफारिश को सही ठहराया है. इस दौरान बच्चों को कफ सीरप देने की जगह घरेलू उपचार करने पर जोर दिया. आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए उसके उम्र के अनुरूप ही कफ सिरफ आता है. बहुत जरूरी होने पर ही डॉक्टर इस कफ सीरप को लिखते है. लेकिन कफ सीरप से बेहतर है घरेलू उपाय.

खांसी के लिए कई घरेलू उपाय

खांसी के लिए कई घरेलू उपाय हैं इससे खांसी बेहतर तरीके से ठीक हो सकती है. सामान्य स्थिति में कफ सीरप नहीं लेना चाहिए. अगर लेना जरूरी भी है तो डॉक्टर के निर्देश पर ही दवा लें. दुकान पर भी लगाम लगनी चाहिए कि बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा नहीं दें. एसएसएलएनटी अस्पताल के अधीक्षक सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जितेंश रंजन ने बताया कि बच्चों को पहले से ही कफ सीरप नहीं दिया जाता था. बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही कफ सीरप लिखते होंगे. ज्यादातर मामलों में एंटी बायोटिक ही लिखा जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >