IIT-ISM के 13 छात्र बने साइबर सुरक्षा के दूत, गांव-गांव देंगे डिजिटल सुरक्षा की सीख

धनबाद पुलिस और IIT-ISM के 13 छात्र मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे. गांव-गांव देंगे सीख.

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच धनबाद पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए नयी पहल शुरू की है. अब साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों से लोगों को अवगत कराने की कमान तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे आइआइटी-आइएसएम के छात्र संभालेंगे.

इसके लिए आइआइटी-आइएसएम के 13 छात्रों को साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया है. ये छात्र गांव-गांव पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे.

विभिन्न समूहों के बीच चलाया जायेगा कार्यक्रम

ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से सतर्क करना है, ताकि वे ठगी का शिकार होने से बच सकें. अभियान के तहत छात्र जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों, युवा समूहों और आम लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे.

डिजिटल अरेस्ट से लेकर केवाइसी फ्रॉड तक की देंगे जानकारी

जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी जायेगी. इनमें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, केवाइसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड और बैंकिंग फ्रॉड प्रमुख हैं. छात्रों की टीम लोगों को यह भी समझायेगी कि साइबर अपराधी किस तरह विश्वास में लेकर गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं और फिर बैंक खाते से रकम उड़ा लेते हैं.

तकनीकी युवाओं को बनाया साइबर सुरक्षा का दूत

ग्रामीण एसपी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से 13 छात्रों को अभियान से जोड़ा गया है. ये छात्र अलग-अलग इलाकों में कार्यशाला, संवाद कार्यक्रम और जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करेंगे.

गांवों पर रहेगा विशेष फोकस

जागरूकता अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष जोर रहेगा. ग्रामीणों को संदिग्ध फोन कॉल, अनजान लिंक, ओटीपी साझा करने, फर्जी एप डाउनलोड करने और अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने से बचने की सलाह दी जायेगी. किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया जायेगा.

जागरूकता ही सबसे मजबूत हथियार

पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता ही सबसे मजबूत बचाव है. धनबाद पुलिस और आइआइटी-आइएसएम के इस संयुक्त अभियान से तकनीकी जानकारी को समाज तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को साइबर ठगी के नये तरीकों को समझने और समय रहते सतर्क होने में मदद मिलने की उम्मीद है.


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By Niraj ambasta

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