हीरापुर कृषक हाट के दुकानदारों और बाजार समिति के बीच बकाया किराये को लेकर चल रहा विवाद अब हाई कोर्ट पहुंच गया है. बाजार समिति की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ हाट के दुकानदारों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने दुकानदारों को बकाया किराये का 30 प्रतिशत तीन सप्ताह के अंदर जमा करने का निर्देश दिया है. इसके बाद अगले तीन सप्ताह के अंदर बकाया राशि का 20 प्रतिशत जमा करने को कहा गया है.
बाजार समिति को भी काउंटर फाइल करनी होगी
हाई कोर्ट ने बाजार समिति प्रशासन को भी मामले में आठ सप्ताह के अंदर काउंटर फाइल करने का निर्देश दिया है. न्यायालय के आदेश के बाद अब दुकानदारों और बाजार समिति के बीच किराये के विवाद को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
अधिकांश स्टॉल का किराया बकाया
हीरापुर कृषक हाट में कुल 58 स्टॉल हैं. बाजार समिति के अनुसार इनमें से महज एक-दो दुकानदार ही नियमित रूप से किराया दे रहे हैं, जबकि शेष दुकानदारों पर किराया बकाया है. समिति का कहना है कि लंबे समय से किराया नहीं मिलने के कारण बकाया बढ़ता जा रहा है.
हाट के फ्रंट हिस्से में 25 दुकानें हैं. इनमें भी नौ दुकानदार किराया नहीं दे रहे हैं. बाजार समिति प्रशासन का कहना है कि बकाया किराये की वसूली के लिए संबंधित दुकानदारों को नियमानुसार नोटिस जारी किये गये हैं.
बाजार समिति ने तीन बार भेजा नोटिस
बाजार समिति प्रशासन के अनुसार दुकानदारों को बकाया किराया जमा करने के लिए तीन बार नोटिस दिया जा चुका है. नोटिस के माध्यम से बकाया राशि जमा करने को कहा गया था. इसके बावजूद किराया जमा नहीं किये जाने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंच गया.
बाजार समिति प्रशासन का कहना है कि हाट की दुकानों से निर्धारित किराये की वसूली बाजार समिति की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है. दुकानदारों पर बकाया होने के कारण समिति की आय भी प्रभावित हो रही है.
अब न्यायालय के आदेश पर टिकी नजर
दुकानदारों द्वारा बाजार समिति के नोटिस को चुनौती देने के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया में आ गया है. अब इस मामले में अगली न्यायिक प्रक्रिया और बाजार समिति के काउंटर पर सभी की नजर रहेगी. हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दुकानदारों को बकाया किराये का भुगतान करना होगा, जबकि समिति को अपने पक्ष में दस्तावेज और जवाब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा.
