धनबाद. कतरास कोयलांचल में भू-धंसान और जमींदोज की घटनाएं लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं. सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच भू-धंसान की घटनाओं में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं.
कई घर तबाह हुए और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है. रविवार की घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में बने असुरक्षित इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
बट्टू बाबू बंगला में भू-धंसान ने फिर याद दिलाया एक साल पुराना हादसा
बट्टू बाबू बंगला-कुम्हार पट्टी इलाके में भू-धंसान की घटनाएं कोई नयी बात नहीं हैं. छह सितंबर 2025 को इसी क्षेत्र के अंगारपथरा कांटापहाड़ी स्थित मां अंबे आउटसोर्सिंग परियोजना में लैंड स्लाइड हुआ था. इस दौरान आउटसोर्सिंग कंपनी की सर्विस वैन करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरी थी. हादसे में कंपनी के सात मजदूरों की मौत हो गयी थी.
मृतकों में अमन सिंह, गयासुर दास, राहुल रवानी, रूपक महतो, स्वरूप गोप, अमित बगाल सहित एक अन्य कर्मी शामिल थे.
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बताया जाता है कि बट्टू बाबू बंगला-कुम्हार पट्टी क्षेत्र में हुए भू-धंसान के बाद एक बड़ा चट्टान खिसक गया था. इसकी चपेट में आने से सर्विस वैन गहरी खाई में जा गिरी थी. हादसे के बाद संबंधित कंपनी का काम बंद कर दिया गया था और कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई थी.
कार्रवाई के बाद भी नहीं थमा भू-धंसान का खतरा
हादसे के बाद उम्मीद थी कि इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे, लेकिन बट्टू बाबू बंगला और आसपास के क्षेत्रों में भू-धंसान का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. समय-समय पर जमीन धंसने और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं. कई घटनाओं में लोगों के घायल होने की भी सूचना रही है.
इलाके की गंभीर स्थिति को देखते हुए झारखंड विधानसभा की समिति की टीम भी क्षेत्र का दौरा कर चुकी है. इसके बावजूद रविवार की घटना ने एक बार फिर पुराने हादसे की याद ताजा कर दी और असुरक्षित घोषित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिये.
एक साल में लगातार सामने आती रहीं घटनाएं
कतरास कोयलांचल में पिछले एक वर्ष के दौरान अलग-अलग इलाकों में भू-धंसान और जमींदोज की कई घटनाएं हुई हैं.
- 6 सितंबर 2025: कांटापहाड़ी पैच में लैंड स्लाइड के कारण आउटसोर्सिंग कंपनी की सर्विस वैन खाई में गिर गयी थी. हादसे में सात आउटसोर्सिंग कर्मियों की मौत हुई थी.
- 31 मार्च 2026: सोनारडीह के टंडाबाड़ी में जमींदोज की घटना में पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हुई थी.
- 23 अप्रैल 2026: टंडाबाड़ी बस्ती में फिर जमींदोज की घटना हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गयी.
- 3 जून 2026: राजाकोठी में भू-धंसान की चपेट में करीब आधा दर्जन आवास आये.
- 7 जुलाई 2026: छाताबाद फुटबॉल मैदान में गोफ के साथ जमीन धंसी और आसपास के घर प्रभावित हुए.
- 4 अगस्त 2026: गोविंदपुर सेलेक्टेड में भू-धंसान से करीब आधा दर्जन घर प्रभावित हुए.
- 7 अगस्त 2026: छाताबाद में दोबारा जमींदोज की घटना हुई. करीब एक दर्जन घर प्रभावित हुए और कई लोग घायल हुए.
- 26 अगस्त 2026: छाताबाद काजूबगान में बने बड़े गोफ से सती पांडे तालाब भी प्रभावित हुआ.
- 8 सितंबर 2026: सिजुआ तीन पट्टियां में जमींदोज की घटना में सात वर्षीय बालक की मौत हुई, जबकि परिवार के तीन लोग घायल हुए. कई घर भी प्रभावित हुए.
असुरक्षित इलाकों में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
लगातार हो रही घटनाओं ने कतरास कोयलांचल के भू-धंसान प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है. एक ओर जमीन धंसने और गोफ बनने का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षित स्थान पर बसाने की चुनौती भी कायम है.
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बार-बार हो रही घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों की मांग है कि संवेदनशील इलाकों की नियमित निगरानी हो, खतरनाक स्थानों की घेराबंदी की जाये और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये जायें. रविवार की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पिछले हादसों से सबक लेने के बावजूद भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है.
