विशेष संवाददाता, धनबाद,
धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने कहा है कि धनबाद में बिजली संकट व्यवस्था प्रायोजित है. इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. श्री सिन्हा ने यह बातें शुक्रवार को बिजली संकट के खिलाफ भाजपा द्वारा आहूत प्रदर्शन व जीएम कार्यालय घेराव कार्यक्रम के दौरान कही. कहा कि विभाग के पास ना बिजली का पोल है, ना तेल, ना मैनपावर. जेई, एई जैसे अधिकारी जनता का फोन नहीं उठाते हैं. लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं. इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है. गर्मी अचानक नहीं बढ़ी है. कुछ दिन में मानसून आने वाला है. विभाग द्वारा समय से तैयारी नहीं करने के कारण जनता को परेशानी हो रही है. इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने रणधीर वर्मा स्टेडियम से जुलूस निकला. इसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष शामिल थे. भाजपा कार्यकर्ता बिजली पानी दे ना सके वह सरकार निकम्मी है, जो सरकार निकम्मी है वह सरकार बदलनी है. झारखंड के मुख्यमंत्री हाय- हाय, धनबाद के साथ सौतेला व्यवहार बंद करो आदि नारे लगा रहे थे. कंबाइंड बिल्डिंग के नीचे के मुख्य द्वार को पहले से जिला प्रशासन द्वारा बंद कर रखा गया था. मुख्य द्वार पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनात थी. विधायक श्री सिन्हा, महानगर जिलाध्यक्ष श्रवण राय व सभी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया. इससे थोड़ी देर के लिए कुछ कार्यकर्ताओं से पुलिस प्रशासन से बहस भी हुई. तीखी तकरार पर गेट प्रशासन द्वारा खोला गया. विधायक श्री सिन्हा के साथ सभी कार्यकर्ता प्रथम तल्ला पर स्थित (जेबीवीएनएल )विद्युत महा प्रबंधक के कार्यालय के बरामदे में पहुंचे. बिजली विभाग के अधिकारियों ने चेंबर में बैठकर बात करने का आग्रह किया. विधायक ने साफ मना कर दिया, कहा कि आम जनता इस भीषण गर्मी में बिजली संकट से कराह रही है, ऐसे मैं भी बाहर ही रहूंगा. इस दौरान भाजपा के महानगर जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र हंसदा, कन्हैया पांडे, महेंद्र शर्मा,महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रीता यादव, महामंत्री रविंद्र सिन्हा,भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमलेश सिंह सहित कई नेता, कार्यकर्ता मौजूद थे.पूर्व सांसद पीएन सिंह भी पहुंचे समर्थन में :
भाजपा की तरफ से आज आयोजित जुलूस व घेराव कार्यक्रम में पूर्व सांसद पशुपति नाथ सिंह भी पहुंचे. उन्होंने कंबाइंड बिल्डिंग में भाजपा कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई की. कहा कि जन समस्या के प्रति झारखंड सरकार का रवैया गैर जिम्मेदारना है. ऐसी सरकार को यहां सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
