बलियापुर पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिये साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में कथित मुख्य सरगना कृष्णा कुमार दास, चिरंजीत कुमार दे, गोविंद बाउरी, मधुसूदन बाउरी, मोबाइल कॉर्नर दुकान संचालक काजू दे और सेल्समैन गौरव कुमार गुप्ता शामिल हैं. सभी धनबाद जिले के रहने वाले हैं. मामले में एक विधि-विवादित किशोर को भी निरुद्ध किया गया है.
दूरसंचार विभाग की सूचना से हुआ खुलासा
ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने शनिवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेस वार्ता में बताया कि दूरसंचार विभाग, पटना से मिली सूचना के बाद मामले की जांच शुरू की गयी. विभागीय जानकारी के अनुसार एक जनवरी से 29 मई 2026 के बीच बलियापुर चौक स्थित मोबाइल कॉर्नर पीओएस दुकान से कुल 166 ऐसे सिम जारी किये गये, जिन्हें फ्रॉड से संबंधित बताया गया है. इनमें 57 सिम नंबरों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी.
मोबाइल दुकान में छापेमारी, संचालक और सेल्समैन गिरफ्तार
सूचना के आधार पर सिंदरी एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गयी. टीम ने बलियापुर चौक स्थित मोबाइल कॉर्नर दुकान में छापेमारी की. यहां से साइबर ठगी से संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए. मौके से दुकान संचालक काजू दे और सेल्समैन गौरव कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया. एक विधि-विवादित किशोर को भी निरुद्ध किया गया.
पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली. इसके बाद कृष्णा कुमार दास, चिरंजीत कुमार दे, गोविंद बाउरी और मधुसूदन बाउरी को गिरफ्तार किया गया.
पीओएस मोबाइल समेत छह मोबाइल बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 98 पृष्ठ की एक एक्सरसाइज कॉपी, सजल बाउरी के आधार कार्ड की छायाप्रति, चंदना बाउरी का मूल आधार कार्ड, एक पीओएस मोबाइल और चार अन्य मोबाइल बरामद किये हैं. पीओएस मोबाइल में अलग-अलग कंपनियों के दो सिम लगे हुए थे. बरामद दस्तावेजों और मोबाइल की तकनीकी जांच की जा रही है.
चिरंजीत के खिलाफ पहले से मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी चिरंजीत कुमार दे का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. उसके खिलाफ धनसार थाना में वर्ष 2026 में बीएनएस और आइटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के एयरपोर्ट विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में भी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है.
अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश जारी
बलियापुर थाना कांड संख्या 136/2026 के तहत आठ अगस्त को बीएनएस, आइटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.
पुलिस अब फर्जी सिम की आपूर्ति, साइबर ठगी से अर्जित रकम और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में फैले नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है.
