देश में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में गेल इंडिया लिमिटेड बड़े स्तर पर पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर रही है. कंपनी का प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क वर्तमान में 18,690 किमी से अधिक है, जबकि करीब 1,500 किमी पाइपलाइन का निर्माण विभिन्न परियोजनाओं के तहत जारी है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गेल का नेटवर्क बढ़कर करीब 20 हजार किमी तक पहुंचने की उम्मीद है.
धनबाद से गुजरती है गैस पाइपलाइन
गेल की जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा गैस पाइपलाइन (जेएचबीडीपीएल) धनबाद से होकर गुजरती है. झारखंड में इस परियोजना के तहत करीब 551 किमी पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है. इसमें धनबाद भी शामिल है. पूरे एकीकृत जेएचबीडीपीएल नेटवर्क की लंबाई करीब 3,290 किमी है. अगस्त की शुरुआत तक इस परियोजना में करीब 162 किमी पाइपलाइन का निर्माण जारी था.
उद्योग से घरों तक बढ़ेगी गैस पहुंच
पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार का असर प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर पड़ने की उम्मीद है. नयी पाइपलाइनों के जरिये देश के अधिक क्षेत्रों तक गैस पहुंचायी जा सकेगी. इससे गैस आधारित उद्योग, बिजली उत्पादन, उर्वरक क्षेत्र, घरेलू और परिवहन क्षेत्र को आपूर्ति की बेहतर सुविधा मिल सकती है.
गैस आधारित अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण
गैस के बुनियादी ढांचे का विस्तार सरकार के गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिक क्षेत्रों को पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने से प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए मजबूत आधार तैयार होगा.
एलपीजी पाइपलाइन क्षमता भी होगी दोगुनी
गेल प्राकृतिक गैस के साथ एलपीजी परिवहन नेटवर्क को भी मजबूत कर रही है. कंपनी जामनगर-लोनी एलपीजी ट्रांसमिशन पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है. वर्तमान क्षमता 3.25 एमएमटीपीए है, जिसे बढ़ाकर 6.5 एमएमटीपीए करने की योजना है। इससे बढ़ती एलपीजी मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है.
1,775 किमी की तीन नई पाइपलाइनों को मंजूरी
एलपीजी नेटवर्क विस्तार के तहत गेल को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड से करीब 1,775 किमी लंबी तीन नई एलपीजी पाइपलाइनों के लिए मंजूरी भी मिली है. इनके निर्माण से देश में एलपीजी के सुरक्षित और सुगम परिवहन की क्षमता बढ़ेगी.
