Dhanbad News : बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र की बंद पड़ी अम्बे माइनिंग परियोजना में शनिवार की अलसुबह फिर से आग भड़क उठी. उससे काले धुएं का घना गुब्बारा आसमान छूने लगा. धुंध की मोटी चादर ने कांटापहाड़ी और अंगारपथरा जैसे इलाकों को अपनी गिरफ्त में ले लिया. इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गयी थी. घटना के बाद स्थानीय निवासियों को सांस लेने में तकलीफ होने लगा. कोयले के ऑक्सीकरण से होने वाली स्वतः स्फूर्त ज्वलन की वजह से यह आग भडकने की बातें कही जा रही है. बीसीसीएल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सात नंबर सीम में पहले से ही पुराने कोयले के ढेर और अवशेष मौजूद हैं. जो ऐसी स्थितियों में आसानी से प्रज्वलित हो जाते हैं. यह आग पुरानी चिंगारी का ही परिणाम है, जो गहराई में सुलगती रही और अब सतह पर भड़क उठी है .
ग्रामीणों पर भारी पड़ा धुंध का कहर
धुंध की तेज गंध और इसमें घुली जहरीली गैसों जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड ने स्थानीय लोगों को खासी परेशानी में डाल दिया. लोगों ने बताया कि सुबह-सुबह उठे तो देखा कि पूरा इलाका धुआं से भरा हुआ है, जिसके कारण आंखों में जलन होने लगी थी. सनद रहे कि सात नंबर सीम में सबसे पहले गत दो दिसंबर को आग लग थी जिसे काफी मशक्कत के बाद काबू में कर लिया गया था. लेकिन गहराई में सुलगती चिंगारियां पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी थी.आग पर काबू पाने के लिए डाला जा रहा पानी
सूचना मिलते ही कतरास क्षेत्र के सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची, जिसमें कोलियरी सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार राय, सीनियर ओवरमैन राजेश मंडल, विशाल कुमार, सुरक्षा सलाहकार समिति के विजय बनर्जी और बसंत नोनिया आदि शामिल थे. परियोजना पदाधिकारी क्यूआइ खान भी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं. घटना के बाद तत्काल पाइप लाइन के जरिए पानी डालना शुरू किया गया है. क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी संजय चौधरी ने कहा, हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आग ऊपरी सतह पर न फैले. स्थिति को नियंत्रण कर लिया गया है. हालांकि खबर लिखे जाने तक आग पर पूर्ण काबू नहीं पाया जा सका था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
