डाक विभाग ने कर्मचारी शिकायत एवं पेंशन निदेशालय (सीसीएस एवं आरबी निदेशालय) के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को लेकर बड़ा बदलाव किया है. विभाग ने सचिव, डाक सेवा बोर्ड को सीसीएस एवं आरबी निदेशालय के लिए सभी वित्तीय मामलों में विभागाध्यक्ष घोषित किया है.
यह व्यवस्था डाक भवन में कार्यरत अन्य प्रभागों और निदेशालयों की तर्ज पर लागू की गयी है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
डाक निदेशालय के अधीन होंगे सीसीएस-आरबी
नये आदेश के अनुसार सीसीएस और आरबी निदेशालय को स्थापना, बजट और वित्तीय मामलों के लिए डाक निदेशालय के अधीन एक प्रभाग माना जायेगा. इसके साथ ही निदेशालय के लिए अलग से बजटीय आवंटन नहीं होगा. इसके खर्च की भरपाई डाक निदेशालय के बजट से संबंधित मदों के तहत की जायेगी.
सभी वित्तीय स्वीकृति सचिव, डाक सेवा बोर्ड के जिम्मे
सीसीएस एवं आरबी निदेशालय से जुड़े सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार लागू नियमों, विनियमों और अधिकारों के प्रत्यायोजन के अनुसार इस्तेमाल किए जायेंगे. सचिव, डाक सेवा बोर्ड वित्तीय मामलों में विभागाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे. स्थापना से जुड़े मामलों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत दावों की मंजूरी और प्रक्रिया भी मौजूदा व्यवस्था के अनुसार उनके अधिकार क्षेत्र में रहेगी.
कामकाज और रिपोर्टिंग व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं
आदेश के अनुसार सीसीएस एवं आरबी निदेशालय की मौजूदा कार्यात्मक और परिचालन व्यवस्था यथावत रहेगी. निदेशालय की वर्तमान रिपोर्टिंग व्यवस्था भी पूर्ववत रहेगी. यानी बदलाव मुख्य रूप से स्थापना, बजट और वित्तीय अधिकारों से संबंधित है.
