धनबाद. गोविंदपुर-गिरिडीह मुख्य सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण परियोजना को लेकर टुंडी अंचल के फतेहपुर-1 और फतेहपुर-2 मौजा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. भू-अर्जन निदेशालय की ओर से इस संबंध में प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गयी है. परियोजना के लिए दोनों मौजों में कुल 9.17893 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जायेगी.
अधिसूचना के अनुसार फतेहपुर-1 मौजा में 4.66270 एकड़ तथा फतेहपुर-2 मौजा में 4.51623 एकड़ जमीन अधिग्रहण के दायरे में आयी है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण योजना के तहत की जा रही है.
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10.688 किमी सड़क होगी दो लेन
परियोजना के तहत गोविंदपुर-गिरिडीह मुख्य सड़क के बराकर पुल से प्रतापपुर-ठेठाटांड़ मोड़ होते हुए सर्रा आरसीडी तक के हिस्से का चौड़ीकरण किया जायेगा. सड़क की कुल लंबाई 10.688 किलोमीटर है.
योजना के अनुसार सड़क को दो लेन में विकसित किया जायेगा. साथ ही आवश्यक हिस्सों का पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण भी किया जायेगा. परियोजना पूरी होने के बाद टुंडी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बाजारों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है.
70 प्लॉट अधिग्रहण की जद में
प्रारंभिक अधिसूचना के मुताबिक फतेहपुर-1 मौजा में कुल 36 प्लॉट भूमि अधिग्रहण की जद में आये हैं. इनमें 30 निजी और छह सरकारी प्लॉट शामिल हैं. वहीं फतेहपुर-2 मौजा में कुल 34 प्लॉट प्रभावित होंगे, जिनमें 29 निजी और पांच सरकारी प्लॉट हैं.
इस प्रकार दोनों मौजों में कुल 70 प्लॉट अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल किये गये हैं. इनमें 59 निजी और 11 सरकारी प्लॉट शामिल हैं.
आपत्ति दर्ज कराने के लिए 60 दिन का अवसर
अधिसूचना के अनुसार प्रभावित हितबद्ध व्यक्तियों को प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है. संबंधित व्यक्ति जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के समक्ष लिखित रूप से आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं.
भू-अर्जन से संबंधित नक्शा, प्लॉट विवरण और अन्य अभिलेखों का निरीक्षण जिला भू-अर्जन पदाधिकारी कार्यालय में कार्य दिवसों के दौरान किया जा सकेगा. अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि प्रभावित भूमि के पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया नियमानुसार संचालित की जायेगी.
जमीन के क्रय-विक्रय पर लागू होंगे प्रतिबंध
प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने के बाद अधिग्रहण के दायरे में आने वाली भूमि के क्रय-विक्रय अथवा उस पर किसी प्रकार का नया भार सृजित करने के लिए जिला समाहर्ता की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी. प्रशासन ने प्रभावित रैयतों और हितबद्ध व्यक्तियों से अधिसूचना में उल्लिखित प्रावधानों का पालन करने की अपील की है.
परियोजना को क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क संपर्क योजना माना जा रहा है, जिससे धनबाद और गिरिडीह जिले के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की संभावना है.
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