Dhanbad News : एसएनएमएमसीएच में शुरू होगा नेत्रदान, पहुंचा कॉर्निसोल

इस केमिकल से 15 दिनों तक सुरक्षित रहेगी कॉर्निया, 8986623569 पर कॉल कर कोई भी कर सकेगा नेत्रदान

लंबे इंतजार के बाद शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के आइ बैंक में एक बार फिर नेत्रदान सेवा शुरू होने जा रही है. वर्षों से ठप पड़ी इस सेवा को अब नयी ऊर्जा मिलने वाली है. यह उन हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण साबित होगी, जिनकी रोशनी लौट सकती है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आइ बैंक में कॉर्निया को संरक्षित रखने वाला महत्वपूर्ण केमिकल कॉर्निसोल पहुंच चुका है. इस रसायन की उपलब्धता के बाद अब कॉर्निया को 15 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा. पहले इस सुविधा के अभाव में नेत्रदान की प्रक्रिया बाधित थी. अब परिस्थितियां अनुकूल होते ही मरीजों के लिए फिर से कॉर्निया ट्रांसप्लांट की राह आसान होगी. नेत्र विभाग के एचओडी डॉ धर्मेंद्र कुमार के अनुसार देशभर में हर साल लाखों लोग कॉर्निया की कमी के कारण अंधेपन का शिकार हो जाते हैं. लोग अगर जागरूक हों, तो मृत्यु के बाद नेत्रदान से अधिकांश मरीजों की रोशनी लौट सकती है.

8986623569 पर कॉल कर कोई भी कर सकेगा नेत्रदान :

नेत्र विभाग के एचओडी डॉ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बहुत जल्द एक सेंट्रलाइज टोल-फ्री नंबर 8986623569 जारी किया जायेगा. इस नंबर पर कॉल कर कोई भी व्यक्ति कॉर्निया दान करने की इच्छा प्रकट कर सकता है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस नंबर से आमलोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी और प्रक्रिया भी सरल होगी.

लंबे समय से ठप थी सेवा :

एसएनएमएमसीएच का आइ बैंक कभी धनबाद और आसपास के जिलों के लिए नेत्रदान का बड़ा केंद्र था. लेकिन कॉर्निया को सुरक्षित रखने वाली दवाओं और उपकरणों की कमी के कारण सेवा बाधित हो गयी थी. बीच में आइ बैंक का लाइसेंस भी फेल हो जाने से सेवा ठप थी. कुछ माह पहले आइ बैंक का लाइसेंस रिन्यू हुआ है. अब कॉर्निसोल उपलब्ध होने के बाद स्थिति बदल गयी है. प्रबंधन के अनुसार नयी शुरुआत के बाद यहां नेत्र प्रत्यारोपण की प्रक्रिया भी तेज होगी.

क्या है कॉर्निसोल

कॉर्निसोल एक विशेष प्रिजर्वेशन सोल्यूशन है, इसका उपयोग कॉर्निया को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. इस सोल्यूशन की मदद से कॉर्निया को 15 दिनों तक बिना खराब हुए सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे डॉक्टरों को प्रत्यारोपण की प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है.

जागरूकता अभियान चलाने की योजना

इस सेवा के शुरू करने के साथ आइ बैंक की ओर से व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जायेगा. इसमें स्थानीय संस्थाओं, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और पंचायत स्तर तक लोगों को जोड़ने की योजना है.

एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों की लौट सकती है आंखों की रोशनी : डॉ धर्मेंद्र

नेत्र विभाग के एचओडी डॉ धर्मेंद्र कुमार ने जिलावासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान के लिए आगे आयें. एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद दान किये गये कॉर्निया से दो नेत्रहीनों को रोशनी मिल सकती है. इसे सबसे बड़ा पुण्य और सेवा का कार्य बताया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NARENDRA KUMAR SINGH

NARENDRA KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >