धनबाद में बदल रही लोगों की पसंद, पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण 18.8% घटा, इलेक्ट्रिक वाहनों में 29.6% का उछाल

धनबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, पेट्रोल वाहनों के पंजीकरण में 18.8% की गिरावट दर्ज की गई है. ई-वाहनों के बढ़ते चलन के पीछे कम परिचालन लागत और पर्यावरण हितैषी होने के कारण माने जा रहे हैं.

धनबाद में पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ता दिख रहा है. परिवहन विभाग के वाहन पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में 3,819 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए थे. 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,948 हो गयी. यानी एक साल में 1,129 अधिक ई-वाहन पंजीकृत हुए और 29.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. वर्ष 2026 में अगस्त तक ही 3,636 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है. यह आंकड़ा 2025 में पूरे साल पंजीकृत ई-वाहनों का 73.5 प्रतिशत है.

पेट्रोल वाहनों के पंजीकरण में बड़ी गिरावट

इसी अवधि में पेट्रोल वाहनों के पंजीकरण में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी. 2024 में धनबाद में 42,416 पेट्रोल वाहन पंजीकृत हुए थे. 2025 में यह संख्या घटकर 34,454 रह गयी. यानी एक साल में 7,962 पेट्रोल वाहन कम पंजीकृत हुए और पंजीकरण में 18.8 प्रतिशत की गिरावट आयी.

इसके विपरीत इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में 29.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इससे जिले में वाहन खरीदारों की पसंद में बदलाव के संकेत मिलते हैं. हालांकि, केवल पंजीकरण आंकड़ों के आधार पर पेट्रोल वाहनों की गिरावट का एकमात्र कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री को नहीं माना जा सकता.

डीजल वाहनों के करीब पहुंचा ई-वाहन का आंकड़ा

इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या अब डीजल वाहनों के भी करीब पहुंच गयी है. 2024 में जिले में 4,570 डीजल वाहन पंजीकृत हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 5,225 हो गये. 2026 में अगस्त तक 3,837 डीजल वाहनों का पंजीकरण हो चुका है. इसी अवधि में 3,636 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं. यानी अगस्त तक ई-वाहन डीजल वाहनों से महज 201 पीछे हैं. हालांकि 2026 का आंकड़ा केवल अगस्त तक का है, इसलिए पूरे साल की अंतिम तस्वीर दिसंबर के बाद ही स्पष्ट होगी.

कुल वाहन पंजीकरण में भी उतार-चढ़ाव

धनबाद में सभी श्रेणियों के वाहनों के कुल पंजीकरण में भी साल-दर-साल बदलाव हुआ है. 2022 में जिले में 51,292 वाहन पंजीकृत हुए थे. 2023 में यह संख्या बढ़कर 54,979 हो गयी. 2024 में कुल पंजीकरण घटकर 53,322 रहा, जबकि 2025 में बढ़कर 63,419 हो गया. 2025 में 2024 की तुलना में कुल वाहन पंजीकरण में करीब 18.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई. 2026 में अगस्त तक कुल 42,736 वाहनों का पंजीकरण हुआ है.

कम परिचालन खर्च से बढ़ रहा आकर्षण

इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते रुझान के पीछे कम परिचालन खर्च और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने की क्षमता जैसे कारण माने जा रहे हैं. पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों में चलने वाले यांत्रिक हिस्से अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिससे रखरखाव की जरूरत कम हो सकती है. हालांकि, ई-वाहनों के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करते समय बैटरी निर्माण और बिजली उत्पादन के स्रोतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है.

धनबाद में वैकल्पिक ईंधन की मौजूदगी का एक और संकेत हाइड्रोजन वाहन के पंजीकरण से मिलता है. जिले में एक हाइड्रोजन ईंधन वाहन पंजीकृत है. वहीं अगस्त 2026 तक सीएनजी वाहनों के 274 पंजीकरण हुए हैं, जबकि 2025 में 378 और 2024 में 236 सीएनजी वाहन पंजीकृत हुए थे.

पंजीकरण के आंकड़े

  • पेट्रोल वाहन: वर्ष 2026 में अगस्त तक 25,739 वाहनों का पंजीकरण हुआ. 2025 में 34,454 और 2024 में 42,416 वाहन पंजीकृत हुए.
  • डीजल वाहन: 2026 में अगस्त तक 3,837 वाहनों का पंजीकरण हुआ. 2025 में 5,225 और 2024 में 4,570 वाहन पंजीकृत हुए.
  • इलेक्ट्रिक वाहन: 2026 में अगस्त तक 3,636 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ. 2025 में 4,948 और 2024 में 3,819 वाहन पंजीकृत हुए.
  • सीएनजी वाहन: 2026 में अगस्त तक 274 सीएनजी वाहनों का पंजीकरण हुआ. 2025 में 378 और 2024 में 236 वाहन पंजीकृत हुए.

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By Shobhit ranjan

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