Dhanbad News: 65 हजार के क्वाॅयल के लिए ढाई साल से बंद है डेढ़ करोड का विद्युत शवदाह गृह

मोहलबनी में 2022 में बने अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का संचालन बॉयलर का क्वायल जलने से बंद है.

धनबाद नगर निगम की योजनाएं कागजों से निकलकर धरातल तक तो पहुंच जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की निगरानी और समय पर निर्णय नहीं होने से करोड़ों की योजनाएं थोड़े समय में ही दम तोड़ देती हैं. इसका बड़ा उदाहरण मोहलबनी मुक्तिधाम में बना विद्युत शवदाह गृह है, जो मात्र 63–65 हजार रुपये के एक क्वाॅयल के जलने के कारण पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है.

1.56 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था निर्माण

साल 2022 में मोहलबनी मुक्तिधाम में नगर निगम के सौजन्य से 1.56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था. उद्घाटन के बाद यह मुश्किल से दो माह ही ठीक से चल पाया. इसके बाद बॉयलर का क्वायल जल गया, तब से यह शवदाह गृह बंद है. बॉयलर के खराब होने से पहले यहां 28–30 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था.

क्वायल बदलने का खर्च मामूली होने के बावजूद अब तक इसे नहीं बदला जा सका है. बीते तीन साल में नगर निगम में दो नगर आयुक्त बदले, फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. फाइल अब तक नगर निगम कार्यालय में ही अटकी है.

अब तक सिर्फ 30 शवों का हुआ अंतिम संस्कार

खराबी को लेकर नगर निगम और संवेदक के बीच लंबे समय तक दोषारोपण चलता रहा. अंतत: संवेदक ने हाथ खड़े कर दिये. इसके बाद नगर निगम प्रशासक ने संवेदक की सिक्योरिटी मनी से क्वायल बदलने का आदेश दिया. अभियंता सेल ने कोटेशन भी तैयार कर लिया, लेकिन आज तक क्वायल नहीं बदला जा सका.

एक ही संवेदक को दो प्रोजेक्ट देने पर उठ रहे सवाल

हैरानी की बात यह है कि जिस संवेदक ने मोहलबनी का विद्युत शवदाह गृह बनाया था, फिर उसे ही मटकुरिया में नये विद्युत शवदाह गृह निर्माण का काम भी सौंप दिया गया. मटकुरिया में कुछ सिविल कार्य के बाद संवेदक ने काम बंद कर दिया है. नोटिस के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा. अब नगर निगम नये सिरे से टेंडर निकालने की तैयारी में है, लेकिन दो साल की देरी, खर्च हुई राशि और जिम्मेदार अधिकारियों व संवेदक पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

मटकुरिया शवदाह गृह के लिए होगा री-टेंडर

नगर निगम के मुख्य अभियंता अनूप सामंता ने बताया कि मोहलबनी विद्युत शवदाह गृह की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए जल्द ही टेंडर निकाला जायेगा. मटकुरिया में संवेदक द्वारा किये गये अधूरे काम की नापी कर फाइनल बिल तैयार किया गया है. मटकुरिया श्मशान घाट का भी री-टेंडर होगा और संवेदक पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जायेगी.

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By ASHOK KUMAR

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