डीएवी पब्लिक स्कूल कुसुंडा में बुधवार को प्रातःकालीन विशेष प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशामुक्ति और डिजिटल स्क्रीन की बढ़ती लत के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम प्राचार्य अजीत कुमार दुबे के मार्गदर्शन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, धनबाद सेवा केंद्र के सहयोग से संपन्न हुआ.
स्क्रीन एडिक्शन के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के बीच बढ़ रही स्क्रीन लत (डिजिटल डिपेंडेंसी) पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि अत्यधिक समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. साथ ही इससे विद्यार्थियों की एकाग्रता, अध्ययन क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन भी प्रभावित होता है.
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
वक्ताओं ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को इससे दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को न केवल स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए, बल्कि समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
अनुशासन और आत्मसंयम पर दिया गया बल
प्राचार्य अजीत कुमार दुबे ने कहा कि विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मसंयम का विकास करना शिक्षण संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्क्रीन एडिक्शन और नशामुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपना सकें.
स्वस्थ समाज निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त और संस्कारवान समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया. मौके पर एके तिवारी, ए चक्रवर्ती, एमके सिंह, डॉ आरबी राय, एस कुमार, चंदन कुमार, सूरज दत्ता समेत विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे.
