धनबाद के 52 हजार श्रमिकों का आधार वेरिफिकेशन बाकी, योजनाओं के लाभ पर मंडराया संकट

धनबाद में 52 हजार श्रमिकों का आधार सत्यापन अभी भी लंबित है. सत्यापन नहीं होने पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो सकती है.

जिले में पंजीकृत करीब 52 हजार श्रमिकों का आधार सत्यापन अब भी लंबित है. सत्यापन पूरा नहीं होने की स्थिति में श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है. इस आलोक में विभाग ने लंबित सत्यापन जल्द पूरा कराने की अपील की है. साथ ही आधार में दर्ज आंकड़ों को भी दुरुस्त कराने को कहा गया है.

52,321 श्रमिकों का सत्यापन बाकी

श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार धनबाद में कुल 1,74,817 श्रमिक पंजीकृत हैं. इनमें से 1,22,496 श्रमिकों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 52,321 श्रमिकों का सत्यापन लंबित है. यानी करीब 30 प्रतिशत पंजीकृत श्रमिक अभी आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं करा सके हैं.

आधार में गलती है तो भी बढ़ सकती है परेशानी

आधार सत्यापन के लंबित रहने के अलावा दस्तावेज में दर्ज आंकड़े और विभागीय रिकॉर्ड में अंतर होने पर भी परेशानी हो सकती है. नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर में त्रुटि होने से श्रमिक का विवरण सही तरीके से मेल नहीं खा सकता. ऐसी स्थिति में आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

सहायता राशि मिलने में हो सकती है देरी

श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं में लाभ देने से पहले पात्रता और पहचान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है. आधार सत्यापन पूरा नहीं होने या विवरण में गड़बड़ी रहने पर आवेदन की जांच में देरी हो सकती है. इसका असर योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि या अन्य सुविधाओं पर पड़ सकता है.

आधार अपडेट कराने के बाद विवरण भी जांचें

विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि आधार में किसी तरह की त्रुटि होने पर उसे जल्द ठीक कराएं. आधार अपडेट होने के बाद श्रम विभाग के पोर्टल पर दर्ज अपने विवरण की भी जांच और सत्यापन कर लें. इससे भविष्य में योजनाओं का लाभ लेने के दौरान दस्तावेज संबंधी परेशानी की आशंका कम होगी.


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By Shobhit ranjan

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