101.6 मिमी बारिश से बेहाल धनबाद, गोधर में गैस रिसाव, आज सभी पब्लिक स्कूल बंद

Dhanbad Weather: 24 घंटे में 101.6 मिलीमीटर बारिश से धनबाद शहर अस्त-व्यस्त हो गया. गोधर में गैस रिसाव होने लगा. बारिश की वजह से स्कूल बंद करदिए गए हैं.

Dhanbad Weather: धनबाद में शनिवार को तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश का असर तीसरे दिन सोमवार को दिखा. रविवार को दोपहर एक बजे से सोमवार दोपहर एक बजे तक 101.6 मिलीमीटर वर्षा हुई. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे थी. बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गये. कई जगहों पर पेड़ गिर गये. पेड़ की डालियां टूट गयीं. इस वजह से बिजली व्यवस्था तो चरमरायी ही, राहगीरों को भी चलने में परेशानी हुई. बारिश को देखते हुए सभी पब्लिक स्कूलों में मंगलवार (17 सितंबर) को छुट्टी की घोषणा कर दी गई है.

धनबाद में अब तक 1242.1 मिलीमीटर बरसा मानसून

भारी बारिश की वजह से धनबाद शहर के तपोवन कॉलोनी, नवाडीह, आठ लेन सड़क, भूईफोड़ मंदिर रोड पर जलजमाव हो गया. स्थिति इतनी भयावह हो गयी कि सड़क पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया. मौसम विभाग ने कहा है कि डीप डिप्रेशन का असर मंगलवार से कम हो जायेगा. ऐसे में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. आंकड़ों पर गौर करें, तो एक जून से अभी तक सामान्य वर्षापात 961.6 एमएम होनी चाहिए थी. इस अवधि में 1242.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी है, जो सामान्य वर्षापात से 29 प्रतिशत अधिक है.

झारखंड की ओर बढ़ रहा डीप डिप्रेशन

रांची स्थित मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने कहा है कि गंगीय पश्चिम बंगाल और निकटवर्ती झारखंड पर डीप डिप्रेशन 12 किमी प्रति घंटे की गति के साथ पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा. सोमवार को यह 11:30 बजे तक पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) से 10 किमी दक्षिण, बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल) से 70 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, जमशेदपुर (झारखंड) से 50 किमी उत्तर-उत्तर पूर्व और रांची (झारखंड) से 110 किमी पूर्व में केंद्रित था.

12 घंटे में कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा डीप डिप्रेशन

उन्होंने कहा कि गंगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर इसके डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है. इसके बाद अगले 24 घंटों के दौरान यह झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ में पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ता जाएगा. धनबाद में मंगलवार से इसका असर कम होगा. हालांकि हवा चलेगी, लेकिन उसकी रफ्तार कम होगी.

इन जगहों पर गिरे पेड़, डीसी-डीडीसी आवास के पास गिरी डालियां

धनबाद शहर के पॉलिटेक्निक रोड से बारामुड़ी की ओर जाने वाले रास्ते में और बलियापुर मुख्य सड़क पर पेड़ गिर जाने के कारण वाहन चालकों के साथ ही राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी. लोगों ने खुद ही रास्ता बनाया, तब वाहनों का आवागन शुरू हुआ. डीसी आवास के पास, डीडीसी आवास के पास, खड़ेश्वरी मंदिर के पास, हटिया मोड़ के पास समेत अन्य जगहों पर पेड़ की डाल गिर गयी. वहीं जयप्रकाश नगर गली नंबर आठ में चहारदीवारी गिर गयी. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

घरों और दुकानों में घुसा पानी

भूईफोड़ रोड में एक ट्रैक्टर शो रूम के समीप सड़क तालाब में तब्दील हो गयी. इस कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया. सड़क के किनारे एक दर्जन से अधिक दुकानों में पानी भर गया. लोग दुकानों में रखे सामानों को बचाने में जुटे रहे. मोटर लगा कर लोग बाहर निकाला जा रहा था, लेकिन बिजली भी साथ नहीं दे रही थी. बाद में सड़क के बीच में बने डिवाइडर को आम लोगों ने तोड़ दिया, ताकि सड़क पर जमा पानी दूसरी तरफ निकल सके.

तालाब हो गये ओवर फ्लो

बारिश के कारण विकास नगर का तालाब ओवर फ्लो कर गया है. स्थिति यह हो गयी कि तालाब का पानी दूसरी तरफ बहने लगा. वहीं दूसरे तालाबों की स्थिति यही हो गयी है. अधिकांश तालाब भर गये हैं.

नावाडीह की स्थिति दयनीय

बारिश की वजह से जलजमाव से नावाडीह की स्थिति दयनीय हो गयी है. यहां रहने वाले लोग अपने घरों में कैद हो गये है. जरूरी सामान लेने के लिए लोग अपने घरों से नहीं निकल पा रहे हैं. हर साल कॉलोनी की स्थिति बेहद खराब हो जाती है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है. फ्लैट के पार्किंग और घर के पहले तल्ले में पानी प्रवेश कर गया है. घर-आंगन पानी से लबालब भर गये. दुकानों में पानी भरने से सामान खराब हो गये है. लोगों ने बताया कि घरों के अंदर में दो फिट से अधिक पानी भरा हुआ है. आठ लेन सड़क पर पानी निकासी का जो पुल बनना था, वह बना ही नहीं है. इस कारण उनकी समस्या बढ़ गयी है.

तपोवन कॉलोनी में भर गया है पानी

तपोवन कॉलोनी में पानी भर गया है. लोगों ने बताया कि पूरी कॉलोनी पानी में डूबी हुई है. जरूरी कार्य करने के लिए भी लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है. यहां हर साल यही स्थिति रहती है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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