धनबाद में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया अब और तेज होने की संभावना है. केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटरिंग का काम तेज करने और इसे लगातार जारी रखने का निर्देश दिया है. मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी अंकिता वार्ष्णेय की ओर से जारी पत्र में सभी उपभोक्ता श्रेणियों में स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दिया गया है. इसका सीधा असर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के स्मार्ट मीटर अभियान पर भी पड़ेगा.
प्रीपेड या पोस्टपेड, स्मार्ट मीटर लगाना जरूरी
विद्युत मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाना मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत जरूरी है. यह व्यवस्था उपभोक्ता के प्रीपेड या पोस्टपेड भुगतान मोड पर निर्भर नहीं होगी. यानी भुगतान की व्यवस्था चाहे जैसी हो, कम्युनिकेशन नेटवर्क उपलब्ध क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति की जानी है.
धनबाद में भी जेबीवीएनएल की ओर से विभिन्न इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है. केंद्र के निर्देश के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है. विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां नेटवर्क सुविधा उपलब्ध है, वहां स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दिया जायेगा.
मोबाइल से खपत की निगरानी, बिलिंग में पारदर्शितास्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर बेहतर नजर रख सकेंगे. केंद्र के अनुसार इससे पारदर्शी और सही बिलिंग में मदद मिलेगी. उपभोक्ताओं को रिचार्ज की सुविधा भी मिलेगी, जबकि बिजली वितरण कंपनियों को राजस्व संग्रह में सुधार और कार्यशील पूंजी की जरूरत कम करने में मदद मिलेगी.
पीक समय पर लोड घटाने में होगी मदद
मंत्रालय ने स्मार्ट मीटर को ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली की खपत गैर-पीक समय में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा. इससे बिजली व्यवस्था पर पीक समय का दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को बिल में बचत का लाभ मिल सकता है.
