हाल धनबाद के सदर अस्पताल का : कई विभागों में लगा ताला, 100 बेड के हॉस्पिटल में मात्र 14 मरीज

Dhanbad News: धनबाद के सदर अस्पताल का हाल बेहाल हो गया है. कई विभागों में ताला लग गया है. 100 बेड के अस्पताल में मात्र 14 मरीज भर्ती हैं.

Dhanbad News: धनबाद के कोर्ट रोड स्थित सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार गिरती जा रही है. 100 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में वर्तमान में मात्र 14 मरीज ही भर्ती हैं. सभी महिलाएं हैं और अस्पताल के गायनी विभाग में हैं.

पैलिएटिव वार्ड में लगा है ताला

दूसरी ओर, अस्पताल में कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए संचालित एमटीसी व गंभीर अवस्था के मरीजों के लिए बना पैलिएटिव वार्ड में पिछले कई दिनों से ताला लगा हुआ है. यही हाल अस्पताल में संचालित अन्य विभाग व वार्डों का भी है.

इएनटी, ब्लड स्टोरेज यूनिट भी बंद

इएनटी, ब्लड स्टोरेज यूनिट भी पिछले कई दिनों से बंद है. चिकित्सीय संसाधनों से संपन्न होने के बाद भी यहां भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या घटती जा रही है. वर्तमान में धनबाद के सदर अस्पताल की ओपीडी में ही मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं. सब जानते हुए भी जवाबदेह चुप्पी साधे हुए हैं. ऐसा में लोग अंदेशा जता रहे हैं कि सदर अस्पताल कहीं स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील न हो जाये.

इएनटी विभाग एक माह से बंद

सदर अस्पताल का इएनटी विभाग एक माह से बंद है. इसका मुख्य कारण है कि विभाग ने अस्पताल के एकमात्र चिकित्सक की प्रतिनियुक्त रद्द कर दी है. ऐसे में इएनटी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों को अस्पताल से लौटा दिया जा रहा है.

लाखों की लागत से बना पैलिएटिव वार्ड बंद

सदर अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से गंभीर बुजुर्ग मरीजों के लिए पैलिएटिव वार्ड बनाया गया. लगभग एक वर्ष पहले इसे खोला गया था. गत कई माह से यह वार्ड बंद पड़ा हुआ है. अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक पांच मरीजों को ही इसमें भर्ती लिया गया.

विवाद के बाद से बंद है एमटीसी

कुपोषित बच्चों के लिए सदर अस्पताल में बने एमटीसी में भी ताला जड़ दिया गया है. स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार पिछले तीन माह से एमटीसी बंद है. इससे पहले टाटा कंपनी द्वारा एजेंसी के माध्यम से कुछ बच्चों को एमटीसी में भर्ती कराया गया था. एजेंसी ने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन पर सवाल उठाते हुए बच्चों को रातोंरात डिस्चार्ज कराकर घर भेज दिया था. इस विवाद के बाद से एमटीसी बंद है.

चिकित्सक की कमी के कारण रात में सिजेरियन डिलीवरी बंद

सदर अस्पताल में रात के वक्त सिजेरियन डिलीवरी बंद कर दी गयी है. यहां रात के वक्त ही ज्यादातर सिजेरियन डिलीवरी होती थी. वर्तमान में अस्पताल में मात्र एक एनेस्थेटिस्ट चिकित्सक होने के कारण उनसे दिन की पाली में ही काम लिया जा रहा है. ऐसे में रात को सिजेरियन डिलीवरी बंद कर दी गयी है. अस्पताल के इंडोर में मरीजों के नहीं पहुंचने की यह भी एक वजह है.

मेडिकल कॉलेज में पदस्थापित दो एनेस्थीसिया चिकित्सकों को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया था. स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति रद्द किये जाने पर सदर अस्पताल के दोनों एनेस्थेटिस्ट चिकित्सक डॉ पीयू गोराईं व डॉ नेगी ने मेडिकल कॉलेज में योगदान दे दिया है. अब यहां मात्र एक एनेस्थेटिस्ट चिकित्सक डॉ राजकुमार सिंह बचे हैं.

चिकित्सकों की कमी से मुख्यालय को अवगत कराया : सीएस

सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन ने बताया कि सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त चिकित्सकों को वापस उनके पदस्थापन स्थल बुला लेने से चिकित्सकों की कमी हो गयी है. पहले से ही स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है.चिकित्सक नहीं होने के कारण सदर अस्पताल में मरीज भी कम पहुंच रहे हैं. इस संबंध में स्वास्थ्य मुख्यालय को अवगत कराया गया है.

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