झारखंड भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने राज्य के सभी जिलों के लिए निर्माण श्रमिकों के निबंधन का नया लक्ष्य तय किया है. इसके लिए बोर्ड ने 31 मार्च 2027 तक 49,48,220 निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है. वर्तमान में राज्य में 12,35,870 श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि लक्ष्य पूरा करने के लिए 37,12,350 नये श्रमिकों का पंजीकरण करना है.
इसके लिए सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर पात्र निर्माण श्रमिकों को बोर्ड से जोड़ा जायेगा. योजना के तहत धनबाद को मार्च 2027 तक 4,02,673 श्रमिकों के पंजीकरण का लक्ष्य मिला है. इसे पूरा करने के लिए जिले को हर माह 34 हजार से अधिक श्रमिकाें का पंजीकरण करना होगा.
रांची को सबसे बड़ा, लोहरदगा को सबसे छोटा लक्ष्य
जिलों की जनसंख्या के आधार पर लक्ष्य दिये गये हैं. रांची को सर्वाधक 4,37,138 निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण का लक्ष्य मिला है. इसके बाद धनबाद (4,02,673), गिरिडीह (3,66,821), पूर्वी सिंहभूम (3,44,088) और बोकारो (3,09,350) का स्थान है. न्यूनतम लक्ष्य लोहरदगा को 69,269, खूंटी को 79,783 श्रमिकों के पंजीकरण का दिया गया है. सिमडेगा (89,937) और कोडरमा (1,07,439) जैसे जिलों को अपेक्षाकृत कम लक्ष्य मिला है.
पंचायत स्तर पर चलेंगे सर्वे और विशेष शिविर
बोर्ड ने सभी श्रम अधीक्षकों को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (लिये) के माध्यम से प्रत्येक प्रखंड और पंचायत में विशेष सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया है. पात्र श्रमिकों का पंजीकरण श्रमाधान पोर्टल और बीओसीडब्ल्यू झारखंड मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन किया जायेगा. सभी जिलों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट बोर्ड से मुख्यालय को अपडेट करना होगा.
मिलेगा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ
निर्माण श्रमिकों के बड़े पैमाने पर पंजीकरण से लाखों असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जायेंगे. पंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना सहायता, मृत्यु सहायता, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, बच्चों की शिक्षा सहायता, विवाह सहायता तथा बोर्ड की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा.
