धनबाद, जैक 10वीं बोर्ड परीक्षा के निराशाजनक परिणाम को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिन विद्यालयों में 10 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी अनुत्तीर्ण पाए गए हैं, वहां के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई लगातार जारी है. बुधवार को तीन और विद्यालयों के शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन स्थगित कर दिया गया. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) अभिषेक झा की ओर से जारी आदेश के अनुसार उत्क्रमित उच्च विद्यालय फुलवार बाघमारा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय टुंडी बाघमारा तथा जेकेआरआर हिंदी प्लस टू उच्च विद्यालय चिरकुंडा के परीक्षा परिणाम को गंभीर लापरवाही माना गया है. इन विद्यालयों में शिक्षक पदस्थापित रहने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में असफल रहे, जिस पर विभाग ने कड़ी नाराजगी जतायी है. डीइओ ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है. साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मियों की होगी. गौरतलब है कि मंगलवार को भी आठ विद्यालयों के प्रभारियों और शिक्षकों का वेतन रोका गया था. अब तक कुल 11 विद्यालयों पर कार्रवाई हो चुकी है. शिक्षा विभाग की इस सख्ती से जिले के अन्य विद्यालयों में भी हड़कंप मच गया है. इसे परीक्षा परिणाम सुधारने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है.
Dhanbad News: तीन और स्कूलों के शिक्षकों का रोका गया वेतन
Dhanbad News: मैट्रिक के खराब रिजल्ट पर विभाग की कार्रवाई जारी, अब तक 11 विद्यालयों पर गिरी गाज, परीक्षा में 10 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी हुए हैं अनुत्तीर्ण.
