Dhanbad News: निजी स्कूलों को अब वार्षिक शुल्क का पूरा ब्योरा करना होगा सार्वजनिक

Dhanbad News:जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की बैठक में स्कूलों को दिये गये कई निर्देश, पांच वर्ष से पहले यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे स्कूल, स्कूल का ऑडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और शिक्षकों का डाटा सार्वजनिक करना होगा.

धनबाद, जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की बैठक बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई. इसमें सभी निजी विद्यालयों को झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधित) अधिनियम, 2017 के नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया. स्पष्ट किया गया कि सभी निजी स्कूल वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट फीस और अन्य शुल्क का विस्तृत विवरण प्रशासन को देंगे और इसे अपनी वेबसाइट व नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करेंगे. अभिभावकों पर एकमुश्त फीस जमा करने का दबाव नहीं बनाया जाएगा और वे अब क्वार्टरली आधार पर फीस जमा कर सकेंगे. री-एडमिशन के नाम पर किसी भी प्रकार की फीस वसूली पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है.

चार माह पहले जारी करनी होगी बुक लिस्ट व यूनिफॉर्म का विवरण

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगले मार्च व अप्रैल में शुरू होने वाले नये सत्र से चार माह पहले नवंबर तक किताबों और ड्रेस का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, जबकि जनवरी में फीस का ब्योरा देना होगा. साथ ही पांच साल से पहले स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदली जाएगी और स्कूल परिसर में किताब व ड्रेस बेचने पर रोक रहेगी, जिससे अभिभावकों को बाजार में सस्ते विकल्प मिल सकें.

एक सप्ताह में ऑडिट रिपोर्ट करें सार्वजनिक नहीं तो जुर्माना

इसके अलावा सभी स्कूलों को पिछले एक वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, शुल्क समिति और प्रबंधन समिति का गठन, तथा शिक्षकों का पूरा डाटा वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य किया गया है. एक सप्ताह में अनुपालन नहीं होने पर प्रशासन द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम औचक जांच करेगी और नियम उल्लंघन पर 50 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जायेगा. इन मुद्दों पर उपायुक्त ने कहा कि निजी विद्यालयों को ‘नोट फॉर प्रॉफिट’ (लाभ-रहित) के सिद्धांतों पर चलना चाहिए. इसलिए सभी निजी विद्यालय एक सप्ताह के अंदर उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कर लें. बैठक में बीपीएल कोटा के तहत 25 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, स्कूल वाहनों का पुलिस वेरिफिकेशन, सीसीटीवी और जीपीएस अनिवार्य करने, तथा छात्रों की मानसिक स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए.

विधायकों ने रखा पक्ष

बैठक में धनबाद विधायक धनबाद राज सिन्हा ने वार्षिक शुल्क को क्वार्टरली करने का अनुरोध किया. निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने सभी जनप्रतिनिधियों को बीपीएल कोटा में हुए नामांकन की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की. सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने वार्षिक शुल्क का विस्तृत विवरण देने का अनुरोध किया.

अभिभावक महासंघ ने अभिभावकों की समस्याएं उठाईं

झारखंड अभिभावक महासंघ ने अभिभावकों की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं. अध्यक्ष पप्पू सिंह ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय अब भी एनुअल चार्ज और बिल्डिंग डेवलपमेंट फीस के नाम पर री-एडमिशन ले रहे हैं. महासचिव मनोज मिश्रा ने एनसीइआरटी किताबों को लागू करने की मांग भी रखी. उपाध्यक्ष मुकेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस जिला प्रशासन ने गंभीर पहल की है. उम्मीद है कि इससे स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगा.

बैठक में ये थे उपस्थित

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, डीएफओ विकास पालीवाल, डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी, डीइओ अभिषेक झा, डीएसइ आयुष कुमार, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी कुमारी स्वाती, गिरिडीह सांसद के प्रतिनिधि सुभाष रवानी, टुंडी विधायक प्रतिनिधि जगदीश कुमार चौधरी, झरिया विधायक के प्रतिनिधि अखिलेश सिंह, चार्टड एकाउंटेट अजय कुमार सिंह, दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्या डॉ सरिता सिन्हा, राजकमल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्र, संतोष कुमार सिंह, मनोज कुमार शर्मा, रतिलाल महतो, विवेक सिन्हा, प्रेम मंडल, संतोष सिंह के अलावा जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे.

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Published by: Anand kumar upadhyay

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