धनबाद की बिजली व्यवस्था को अगले कई दशकों तक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (जेयूएसएनएल) ने एक बड़ी परियोजना पर काम तेज कर दिया है.
बिनोद बिहारी चौक के पास झारखंड मोड़ पर 180 एमवीए क्षमता का अत्याधुनिक ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जायेगा. परियोजना के लिए 6.75 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी गयी है.
साइट की मापी व तकनीकी सर्वे शुरू
जिला प्रशासन से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेयूएसएनएल ने साइट की मापी और तकनीकी सर्वे शुरू कर दिया है. विभाग का लक्ष्य अगस्त से सिविल निर्माण कार्य शुरू करने का है.
यह ग्रिड धनबाद के बिजली नेटवर्क के लिए एक नये पावर बैकबोन की भूमिका निभायेगा. शहर की बढ़ती आबादी, तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र और लगातार बढ़ रही बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
धनबाद के लिए क्यों खास है यह परियोजना
वर्तमान में शहर के अधिकांश हिस्से की बिजली आपूर्ति गोविंदपुर स्थित कांड्रा ग्रिड पर निर्भर है. बढ़ते लोड के कारण इस ग्रिड पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. गर्मी और बरसात के दौरान कई बार तकनीकी खराबी होने पर बड़े इलाके की बिजली प्रभावित हो जाती है.
झारखंड मोड़ पर बनने वाला नया ग्रिड इस दबाव को बांटेगा. इसके शुरू होने के बाद बिजली का लोड अलग-अलग ग्रिड में विभाजित होगा. इससे ट्रांसमिशन सिस्टम पहले से कहीं अधिक संतुलित और सुरक्षित हो जायेगा.
दो ट्रांसफॉर्मर बढ़ायेंगे सिस्टम की ताकत
ग्रिड सब-स्टेशन में 80-80 एमवीए क्षमता के दो आधुनिक पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जायेंगे. दोनों ट्रांसफॉर्मर मिलकर भारी बिजली लोड को आसानी से संभाल सकेंगे. भविष्य में शहर के विस्तार और नये औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रहेगी.
सात बड़े इलाकों की बिजली व्यवस्था होगी मजबूत
इस ग्रिड से भूली, नावाडीह, मेमको, बैंक मोड़, मटकुररिया, पुराना बाजार और मनईटांड़ सहित कई प्रमुख सब-स्टेशनों को बिजली उपलब्ध करायी जायेगी. इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या कम होने की संभावना है. इसके अलावा वितरण तंत्र पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा.
तीन दिशाओं से जुड़ेगा नया ग्रिड
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका मल्टी-सोर्स नेटवर्क है. ग्रिड को तेनुघाट, महुदा और बलियापुर से जोड़ा जायेगा. इससे यदि किसी एक ट्रांसमिशन लाइन में तकनीकी खराबी आती है तो दूसरी लाइन से बिजली की आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी. इस व्यवस्था से बड़े पैमाने पर बिजली बाधित होने की संभावना काफी कम हो जायेगी.
सर्वे के बाद तेजी से बढ़ेगा निर्माण
फिलहाल इंजीनियरिंग टीम साइट का सीमांकन, मृदा परीक्षण और तकनीकी सर्वे कर रही है. इसके बाद फाउंडेशन, कंट्रोल रूम, स्विचयार्ड, ट्रांसफॉर्मर यार्ड और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शुरू होगा. परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की तैयारी की जा रही है.
शहर की बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया सुरक्षा कवच
विशेषज्ञों का मानना है कि नया ग्रिड शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति केवल मजबूत ही नहीं होगी, बल्कि फॉल्ट मैनेजमेंट भी पहले से अधिक प्रभावी होगा.
किसी एक स्रोत में समस्या आने पर पूरे शहर की बिजली प्रभावित होने की आशंका कम होगी. इससे बिजली वितरण नेटवर्क अधिक लचीला और विश्वसनीय बनेगा
अगस्त के अंत तक असैनिक कार्य शुरू हो जायेंगे
वरीय प्रबंधक झारखंड मोड़ ग्रिड के लिए जमीन हस्तांतरण के बाद सर्वे और मापी शुरू कर दी गई है. अगस्त के अंत तक सिविल कार्य शुरू करने की तैयारी है. यह परियोजना पूरी होने पर धनबाद शहर की बिजली आपूर्ति अधिक मजबूत, संतुलित और विश्वसनीय बनेगी.
