धनबाद में नए मंडल कारा का रास्ता साफ, पंडुकी में मिली जमीन

धनबाद मंडल कारा को शहर की घनी आबादी से हटाकर पंडुकी में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए 159 करोड़ की जमीन हस्तांतरित कर दी गई है। जानें पूरी जानकारी।

इंट्रोःःःधनबाद मंडल कारा की शहर से दूर पंडुकी में शिफ्टिंग होगी. इसे लेकर 159.48 करोड़ रु लागत की 25.25 एकड़ सरकारी भूमि निःशुल्क हस्तांतरित कर दी गयी है. शहर के बीच स्थित वर्तमान जेल की शिफ्टिंग की दिशा में इसे बड़ा फैसला माना जा रहा है. नये जेल में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और विस्तार की जरूरत को देखते हुए नयी जगह चुनी गयी है.

धनबाद मंडल कारा को शहर के बीच स्थित घनी आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर गोविंदपुर अंचल के पंडुकी में स्थानांतरित करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने पंडुकी मौजा की 25.25 एकड़ सरकारी भूमि को गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित कर दी है. करीब 159.48 करोड़ रुपये मूल्य की इस भूमि पर नया मंडल कारा बनाया जायेगा.

जमीन की कीमत प्रति डिसमिल 1.55 लाख रु से अधिक

प्रशासन का मानना है कि इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य में विस्तार की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होगी. यह अनाबाद बिहार सरकार खाते की भूमि है. वर्ष 2023 की अधिसूचित सर्किल दर के आधार पर इसका मूल्यांकन 1,55,480 रु प्रति डिसमिल किया गया है. अंतर्विभागीय प्रक्रिया के तहत यह भूमि विभाग को निःशुल्क दी गयी है.

धनबाद के लिए क्यों जरूरी है नयी जेल

वर्तमान धनबाद मंडल कारा शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है. जेल के आसपास अदालत, बाजार और प्रमुख सड़कें होने के कारण बंदियों की पेशी के समय अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ती है. संवेदनशील कैदियों के आने-जाने के दौरान यातायात भी प्रभावित होता है. इसके अलावा वर्तमान परिसर में विस्तार की पर्याप्त गुंजाइश नहीं बची है. इन्हीं कारणों से लंबे समय से जेल को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठती रही है.

वर्तमान क्षमता 850 बंदियों की

धनबाद मंडल कारा की स्वीकृत क्षमता 850 बंदियों की है. कई अवसरों पर यहां क्षमता से अधिक बंदी भी रखे गये हैं. नयी जेल की क्षमता को लेकर सरकार ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बड़े भूखंड पर बनने के कारण इसके अधिक क्षमता वाले कारा परिसर के रूप में विकसित होने की संभावना है.

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के कारण जेल परिसर के चारों ओर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा सकेगी. ऊंची दीवार, वॉच टावर, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, बायोमीट्रिक प्रवेश, वाहन जांच, क्विक रिस्पांस टीम तथा डिजिटल कंट्रोल सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं से जेल की सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है.

भूमि हस्तांतरण को लेकर हैं ये शर्तें

छह महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना होगा. 12 महीने के भीतर भूमि का उपयोग सुनिश्चित करना होगा. तय अवधि में उपयोग नहीं होने पर भूमि स्वतः राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को वापस चली जाएगी.

नये मंडल कारा में मिल सकती हैं ये सुविधाएं

हाई सिक्योरिटी बैरक, अलग सुरक्षा वार्ड, अत्याधुनिक कंट्रोल रूम, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल एवं बायोमेट्रिक प्रवेश प्रणाली, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, अस्पताल व चिकित्सा इकाई, प्रशासनिक भवन, भोजनालय एवं गोदाम, पुस्तकालय, कौशल विकास केंद्र, बंदियों के पुनर्वास एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था तथा जेल अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आवास की सुविधा विकसित की जा सकती है.


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By Shobhit ranjan

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