धनबाद के सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा का वाट्सऐप नंबर हैक होने का मामला सामने आया है. हैकर उनके वाट्सऐप अकाउंट से संपर्क में जुड़े लोगों को संदेश भेजकर पैसे की मांग कर रहा है. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों, कर्मचारियों और परिचितों को ऐसे संदेशों से सावधान रहने की अपील की है.
सिविल सर्जन के नंबर से पैसे मांगने वाला मैसेज
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों को भेजे गये संदेश में बताया गया है कि सिविल सर्जन के नंबर से पैसे मांगने वाले मैसेज प्राप्त हो रहे हैं. लोगों से ऐसे संदेशों का जवाब नहीं देने और किसी भी तरह की राशि भेजने से बचने को कहा गया है.
विभागीय स्तर पर भी लोगों को सावधान किया गया है कि सिविल सर्जन के नंबर से पैसे से संबंधित कोई संदेश मिलने पर उस पर भरोसा न करें. आधिकारिक पुष्टि होने तक ऐसे संदेशों को नजरअंदाज करने और कोई भुगतान नहीं करने की अपील की गयी है.
लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें
लोगों को सलाह दी गयी है कि संदिग्ध संदेश के साथ भेजे गये किसी लिंक पर क्लिक न करें. बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी भी किसी के साथ साझा नहीं करें. किसी परिचित या अधिकारी के नाम से पैसे की मांग होने पर पहले फोन कॉल या किसी अन्य माध्यम से संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर इसकी पुष्टि करने की सलाह दी गयी है.
साइबर ठगी से बचने के लिए सत्यापन जरूरी
अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और परिचितों के नाम से वाट्सऐप पर पैसे मांगने वाले संदेश साइबर ठगी का माध्यम बन सकते हैं. ऐसे संदेशों में तत्काल भुगतान या आपात स्थिति का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है. बिना सत्यापन के पैसे भेजने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है.
लोगों से अपील की गयी है कि ऐसे संदिग्ध संदेश मिलने पर सतर्क रहें और मामले की जानकारी संबंधित विभाग या साइबर पुलिस को दें.
