Dhanbad News: हाउसिंग कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को भक्तों को श्रीराम जन्म, गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का प्रसंग सुनाया गया. कथा के दौरान गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम झांकी दिखायी गयी. इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु नाचते रहे. महंत ने कथा सुनते हुए कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था. उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी. इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बारिश करायी. प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया. सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ. उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया.
बाल अवस्था में कालिया नाग का किया मर्दन
कथा सुनते हुए महंत ने श्रीकृष्ण की बाल लीला के बारे में बताते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने बाल अवस्था में कालिया नाग का मर्दन कर यमुना जी को पवित्र किया था. उन्होंने पूतना, बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत, कसं वध की कहानी सुनायी. इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे. माखन और मटकी के साथ माखन चोर नंद किशोर की झांकी प्रस्तुत की गयी. छप्पन भोग लगाया गया. मौके पर उदय प्रताप सिंह, कार्तिकेय, सुधीर प्रसाद, अरविंद वाही, मनीष रंजन राहेल, बीडी सिंह आदि थे.
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