धनबाद. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 25 दिन बाद डेंगू समेत जापानी इंसेफलाइटिस (जेइ) और चिकनगुनिया की जांच दोबारा शुरू होने जा रही है. जांच के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के पुणे स्थित वायरोलॉजी विभाग से आवश्यक किट उपलब्ध करायी गयी है. इसके अलावा डेंगू जांच के लिए कुछ किट स्थानीय स्तर पर भी खरीदी गयी है. अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार से जांच शुरू करने की तैयारी पूरी करने की बात कही है.
जांच सुविधा बहाल होने से वायरल और संक्रामक बीमारियों के संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए दूसरे संस्थानों पर निर्भरता कम होगी. अस्पताल में ही जांच की सुविधा मिलने से बीमारी की पहचान समय पर होने और चिकित्सकों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में सुविधा मिलने की उम्मीद है.
किट उपलब्ध होने के बाद जांच की तैयारी
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पिछले 25 दिनों से डेंगू समेत कुछ महत्वपूर्ण संक्रमणों की जांच प्रभावित थी. अब पुणे स्थित वायरोलॉजी विभाग से किट मिलने के बाद जांच बहाल करने की तैयारी की गयी है. डेंगू की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय स्तर पर भी किट की व्यवस्था की है.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शनिवार से इन बीमारियों की जांच शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. इससे संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच अस्पताल में ही किये जाने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
एच-1, एन-1 जांच की तैयारी तेज
एसएनएमएमसीएच में एच-1, एन-1 यानी इन्फ्लुएंजा की जांच शुरू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ायी जा रही है. इसके लिए आवश्यक जांच किट की खरीदारी पूरी कर ली गयी है. हालांकि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में लगी आरटी-पीसीआर मशीन फिलहाल खराब है. इसके कारण एच-1, एन-1 जांच शुरू करने में तकनीकी बाधा बनी हुई है.
रांची से पहुंची इंजीनियरों की टीम
आरटी-पीसीआर मशीन की खराबी दूर करने के लिए रांची से इंजीनियरों की टीम एसएनएमएमसीएच पहुंच गयी है. टीम ने मशीन की तकनीकी खराबी की जांच और मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि मशीन की मरम्मत जल्द पूरी हो जायेगी.
मशीन के ठीक होने के बाद अगले सप्ताह से एसएनएमएमसीएच में ही एच-1, एन-1 की जांच शुरू करने की तैयारी है. इससे इन्फ्लुएंजा के संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच के लिए बाहरी संस्थानों पर निर्भरता कम होने की संभावना है.
जांच सुविधाओं की बहाली से मरीजों को राहत
डेंगू, जेइ और चिकनगुनिया की जांच शुरू होने के बाद अस्पताल में संक्रामक बीमारियों की जांच व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है. वहीं, आरटी-पीसीआर मशीन की मरम्मत पूरी होने पर इन्फ्लुएंजा जांच की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी. ऐसे में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच सुविधाओं की बहाली से अस्पताल आने वाले संदिग्ध मरीजों को राहत मिलने की संभावना है.
